रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर/ बन्दगांव : भगवान बिरसा मुंडा के गिरफ्तारी-दिवस पर बंदगांव डाक बंगला में उन्हें याद किया गया. बड़ी संख्या में उनके अनुयायियों ने लुंबाई स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर विधायक सुखराम उरांव की ओर से जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण किया गया, जबकि लुंबाई फुटबॉल मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी. (नीचे भी पढ़ें)

बता दें कि भगवान बिरसा को अंग्रेजों ने बंदगांव में संकरा के रोगोद जंगल से उस समय गिरफ्तार कर लिया था, जब वे अपने लोगों के साथ वहां छिप कर सो रहे थे. 3 फरवरी को ब्रिटिश शासन उन्हें पकड़ कर ब्रिटिश डाक बंगला लाया था जहां उन्होंने अपने अनुयायियों को उपदेश दिया था. इस अवसर पर 3 फरवरी को जुलूस निकाला गया जो लुंबाई स्थित प्रतिमा स्थल पर पहुंच कर संपन्न हुआ. (नीचे भी पढ़ें)

बंदगाव में पूर्व विधायक बहादुर उरांव, युवा नेता सन्नी उरांव, जिप सदस्य जोसेफिन हमसाय, विधायक प्रतिनिधि पीरू हेम्ब्रम, बन्दगांव प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मिथुन गगराई, बीस सूत्री अध्यक्ष दोड़ाय जोंको आदि के नेतृत्व में निकला जुलूस कतारबद्ध होकर लुम्बाई स्थित प्रतिमा स्थल पर पहुंचा जहां भगवान बिरसा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जुलूस लुम्बाई खेल मैदान पहुंचा जहां फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गयी. साथ ही आयोजन समिति द्वारा असहाय वृद्धों के बीच विधायक सुखराम उरांव की ओर से कंबल एवं वस्त्र वितरित किये गये. (नीचे भी पढ़ें)

झामुमो के नेता पूर्व विधायक बहादुर उरांव, युवा नेता सन्नी उरांव, जिला परिषद सदस्य जोसेफिन हमसाय, विधायक प्रतिनिधि पीरू हेम्ब्रम, बन्दगांव प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मिथुन गागराई, प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष दोड़ाय जोंको, शंकर नायक, लखन हेम्ब्रम, प्रदीप महतो के हाथों कंबल व वस्त्र वितरित किये गये.(नीचे भी पढ़ें)
ज्ञात हो कि जल, जंगल, जमीन, “आबुआ दिशुम,आबुआ राज” के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध हुए उलगुलान के नेता बिरसा मुंडा को 2 फरवरी को संकरा के रोगोद से गिरफ्तार किया गया था. 3 फरवरी को उन्हें बन्दगांव के ब्रिटिश डाक बांगला में लाया गया जहां से उन्होंने अपने अनुयायियों को उपदेश दिये थे. उसी याद में हर वर्ष 3 फरवरी को बन्दगांव प्रखंड कार्यालय के समीप डाक बांगला पर लोग जुलूस के साथ पहुंच कर प्रार्थना कर उन्हें और उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद करते हैं.



