रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : खरसावां विधायक दशरथ गगराई के भाई डॉ विजय सिंह गगराई के ड्राFवर के साथ चक्रधरपुर केरा मेला में विगत 14 अप्रैल को घटी घटना को केरा मेला व मंदिर समिति ने बेबुनियाद बताया है. मेला व मंदिर समिति के सदस्यों ने कहा कि अगर ड्राइवर की कनपट्टी में पिस्तौल सटाई गई थी तो इस बारे में मंदिर या मेला संचालन समिति के सदस्यों को जानकारी दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. अगर इस मामले की जांच के लिए चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है तो यह अच्छी बात है, लेकिन विधायक को भी इस बारे में मेला व मंदिर समिति के सदस्यों के साथ बात करनी चाहिए थी. (नीचे भी पढ़ें)
इस मामले को लेकर केरा मंदिर प्रांगण में केरा मंदिर समिति व मेला संचालन समिति की सोमवार शाम बैठक हुई, जिसमें दोनों समितियों के पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए. बैठक में सबसे पहले मंदिर व मेला संचालन समिति के सदस्यों ने मेले के सफल आयोजन के लिए प्रशासन, मीडिया, मेले में आये दुकानदारों सभी का धन्यावा ज्ञापन किया गयाद दिया. इसके बाद दोनों समितियों ने कहा कि वर्षों से मंदिर प्रांगण में लग रहे मेले में कभी ऐसी कोई घटना या उसकी अफवाह भी सामने नहीं आयी है. लेकिन इस वर्ष 14 अप्रैल को मेले में डॉ विजय सिंह गगराई के ड्राइवर को असामाजिक तत्वों द्वारा पिस्तौल सटाये जाने की जानकारी मीडिया से मिली है. (नीचे भी पढ़ें)
पदाधिकारियों ने कहा कि 14 अप्रैल को दोपहर में इस घटना की बात कही जा रही है, जबकि उस दौरान डॉ गगराई मेले में शरबत वितरण कर रहे थे और उस समय मेला व मंदिर समिति के पदाधिकारी व सदस्य भी वहीं मौजूद थे. लेकिन वहीं घटी घटना की जानकारी उन्होंने मेला या मंदिर समिति के सदस्यों को नहीं दी. यही नहीं, मेले में मौजूद लोगों या स्थानीय ग्रामीणों को भी इस घटना का पता तक नहीं चला. अगर इतनी बड़ी घटना मेले में घटी तो किसी न किसी और की नजर भी उस पर जाती. लेकिन और किसी को इसकी भनक तक नहीं मिल पाना समझ से परे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
डॉ गगराई ने अब तक भी दोनों समितियों को इस संबंध में कुछ नहीं बताया जिससे लगता है कि मेले में ऐसी कोई घटना धटी ही नहीं है. बैठक में मेला संचालन समिति के संरक्षक कामाख्या प्रसाद साहू, सिद्धार्थ सिंहदेव, इंदीवर सिंहदेव, विश्वजीत भट्टाचार्य, नरेश नंदा, आदित्य साहू, मंदिर प्रबंध समिति के सचिव नव किशोर सिंहदेव, शेषराज सिंहदेव, जय कुमार सिंहदेव, प्रवीर प्रताप सिंहदेव व अन्य लोग मौजूद थे.




