
Chakuliya : पश्चिम बंगाल सीमा से सटे चाकुलिया प्रखंड के पहाडों पर बसे पोचापानी गांव के ग्रामीण एक अदद पीसीसी सड़क के लिए भी मोहताज है. गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पहाड़ पर गांव होने के कारण वे रोजगार और विकास से उपेक्षित हैं. गांव में कभी कभार मनरेगा योजना में लोगों को रोजगार मिलता है. सालों भर पर्याप्त रोजगार नहीं मिलने के कारण गांव के युवा पलायन करते हैं. युवाओं को रोजगार मिल सके, इसके प्रति न तो जन प्रतिनिधियों ने पहल की है और न ही सरकार ने. लोगों ने बताया कि गांव के पहाड़ी रास्ते पर वर्षों पूर्व पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था, जो अब पूर्ण रूप से टूट चुकी है. लोगों को उक्त सड़क पर आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव के युवा, महिला और बुजुर्ग हर चुनाव में पहाड़ी रास्ता 4-5 किमी पैदल चलकर मधुपुर बूथ जाकर मतदान करते हैं, ताकि उनके चुने हुए जनप्रतिनिधि गांव आकर विकास करें, परंतु वर्षो वाद भी गांव का सम्पूर्ण विकास नहीं हुआ है. गांव आज भी जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण विकास से कोसो दूर है. अत: इस बार विधान सभा चुनाव में वोट उसे ही देंगे जो गांव का विकास कर सके. गांव में पेयजल और सड़क का निर्माण कर सके. उन्होंने कहा कि प्रखंड के विभिन्न गांव में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास का निर्माण किया गया है, परंतु पोचापानी गांव के ग्रामीण इस योजना के तहत लाभ पाने से वंचित हैं. गांव में अबतक एक भी प्रधानमंत्री आवास का निर्माण नहीं किया गया है. इससे लोगों में आक्रोश है.



