चांडिल : अपनी भड़काऊ बयानबाजी और कुड़मी आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने एवं जयराम महतो के साथ मंच साझा करने के कारण मांझी परगना महाल ने घाटशिला के पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बुधवार को मांझी परगना महाल की चांडिल इकाई ने एसडीओ को एक मांग पत्र सौंप कर सूर्य सिंह बेसरा के पातकुम दिशोम में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है. (नीचे भी पढ़ें)
इकाई ने साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि श्री बेसरा दोबारा पातकुम दिशोम में दाखिल होते हैं तो उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा. बता दें कि पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा ने विगत दिनों खतियानी आंदोलन के नाम पर आंदोलन चला रहे जयराम महतो के मंच से मांझी- महतो को भाई- भाई कहकर संबोधित किया था. इसको लेकर आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है. विदित हो कि आगामी 30 दिसंबर को क्षेत्र के कुकड़ू में खतियानी महाजुटान प्रस्तावित है, जिसमें सूर्य सिंह बेसरा के भी शामिल होने की संभावना है. मांझी परगना महाल ने इस पर रोक लगाने की मांग की है. आदिवासी समुदाय का कहना है कि खतियानी संघर्ष समिति के बैनर तले जो महाजुटान हो रहा है, उसमें सूर्य सिंह बेसरा द्वारा बार-बार आदिवासी- मांझी एवं महतो को भाई-भाई कह कर संबोधित किया जा रहा है, जिससे आदिवासियों में आक्रोश पैदा हो रहा है. महाल ने आरोप लगाया कि सूर्य सिंह बेसरा सामाजिक समरसता बिगाड़ रहे हैं. ऐसे में आगामी 30 दिसम्बर को कुकड़ू प्रखंड के चोकेगाड़िया के कार्यक्रम में यदि सूर्य सिंह बेसरा शामिल होंगे तो उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा. इस अवसर पर मांझी बाबा कुरली संजीव टुडू, विजय मुर्मू, सुधीर किस्कू, सुदामा हेम्ब्रम, शक्ति पद हांसदा, बुद्धेश्वर किस्कू, रामसिंह मुर्मू, गाजू मुर्मू, बैद्यनाथ टुडू, सोमाय टुडू, अजय टुडू आदि उपस्थित रहे.



