नयी दिल्ली: यूपीआई से 2,000 रुपये से ज्यादा पेमेंट पर 0.4 फीसदी चार्ज लगेगा. फीस की अधिकतम लिमिट 300 रुपए निर्धारित की गई है. यह राशि अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर निर्भर करेगा. यह शुल्क ग्राहकों से नहीं बिजनेसमैन से लिया जाएगा. हालांकि 2,000 रुपये तक पेमेंट करने पर ग्राहक और बिजनेसमैन दोनों से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी.वित्त मंत्रालय ने सोमवार को नोटिफिकेशन जारी कर यह स्थिति साफ कर दी थी. रुपे डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस छूट में शामिल किया गया है.सरकार का कहना है कि यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. इसे सुरक्षित रखने, साइबर फ्रॉड रोकने, तकनीक अपग्रेड करने और पेमेंट सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में लगातार खर्च होता है. (नीचे भी पढ़े)
कानून में बदलाव को इसी लंबे समय की जरूरत से जोड़ा गया है.यूपीआई सर्विस के लिए आपको एक वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तैयार करना होता है. इसके बाद इसे बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा. इसके बाद आपका बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या आईएफएससी कोड आदि याद रखने की जरूरत नहीं होती. पेमेंट करने वाला बस आपके मोबाइल नंबर के हिसाब से पेमेंट रिक्वेस्ट प्रोसेस करता है. जुलाई 2026 तक 741 बैंक यूपीआई से जुड़े थे. सिर्फ जुलाई में करीब 2,366 करोड़ यूपीआई ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल रकम करीब 29.88 लाख करोड़ रही. वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश के कुल डिजिटल पेमेंट में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब 84फीसदी रही. यानी छोटे दुकानों से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बड़े पेमेंट तक, यूपीआई रोजमर्रा के डिजिटल पेमेंट का सबसे अहम जरिया बन चुका है.




