
घाटशिला : घाटशिला प्रखंड के झांटीझरणा और बुरूडीह डैम से सटे धारागिरि फॉल के आसपास विगत दिनों बाघिन के पंजे का निशान पाया गया है. बाघिन के पहाड़ी पर आने की सूचना से क्षेत्र के लोगों में दहशत है. क्षेत्र में बाघिन के आने से ग्रामीणों का जंगल जाना मुश्किल हो गया है. लोगों ने बताया कि उनका जीवन-यापन पूर्ण रूप से जंगल पर ही निर्भर हैं. ग्रामीण अपने मवेशियों को चराने के लिए जंगल ले जाते हैं. वही घर का चूल्हा जलाने के लिए जंगल से लकड़ी लाते है. तब जाकर उनके घर का चूल्हा जल पाता है. कहा कि जब से क्षेत्र में बाघिन के आने की सूचना मिली है तब से ग्रामीण जंगल की ओर नही जा पा रहे हैं. उनके पास मवेशियों को खिलाने के लिए उतना चारा भी नहीं है कि वे उन्हें भर पेट खिला सकें. मवेशियों को घर पर ही बांध कर रखे हुए हैं. ऐसे में मवेशियों को खिलाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीण शाम होते ही बाघिन के भय से अपने-अपने घर में दुबक जा रहे हैं. वहीं महिला और बच्चों को बाघिन के डर से घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. लोगों ने बताया कि विगत दिनों बाघिन के हमले से एक मवेशी जख्मी हालत में गांव लौटा. वहीं एक मवेशी आज भी लापता है. लोगों का मानना है कि बाघिन ने उक्त मवेशी को मार कर खा लिया है. अब ग्रामीण अपने मवेशी को चराने के लिए जंगल नही ले जा रहे हैं. विगत दिनों वन विभाग के पदाधिकारी और पशु चिकित्सक गांव पहुंचे थे. चिकित्सक ने जख्मी मवेशी का उपचार किया है.

डीएफओ ने किया क्षेत्र का भ्रमण : वन विभाग के डीएफओ अभिषेक कुमार ने बाघिन के आने की सूचना पाकर वन पदाधिकारियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण किया. पदाधिकारियों ने गांव में घूम-घूमकर माइक से प्रचार-प्रसार कर लोगों को जंगल जाने से मना किया है. वहीं जंगल में मवेशियों को न ले जाने की बात कही है. पदाधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को बाहर न छोड़ें और रात में घर के बाहर आग जलायें, ताकि बाघिन गांव तक न आये.
बुरूडीह में सैलानियों का जाना हुआ कम : बुरूडीह डैम से सटे धारागिरि फॉल के पास बाघिन के पंजे का निशान पाये जाने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. वहीं बुरूडीह डैम में सेलानियों का आना भी कम हो गया है. बाघिन के डर से बाहर से घूमने पहुंचे लोग भी डैम के आसपास जाने से कतरा रहें हैं. इन दिनों क्षेत्र में बाघिन के आने की सूचना से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है.
अभी तक किसी ने बाघिन को देखने की पुष्टि नही की : झाटिझरना, बासाडेरा और बुरूडीह डैम से सटे धारागिरि फॉल के पास बाघिन के पंजे का निशान पाये जाने की बात सामने आयी है, हालांकि अबतक किसी भी ग्रामीण द्वारा बाघिन को देखे जाने की पुष्टि नहीं की गयी है. बाघिन के पहाड़ी से सटे जंगल में आने की सूचना पर वन विभाग के पदाधिकारी और कर्मी इन क्षेत्रों में नजर रखे हुए हैं. वन विभाग के पदाधिकारी और कर्मी लगातार ग्रामीणों के सम्पर्क में हैं और बाघिन के संबंध में सूचना ले रहे हैं.







