
जमशेदपुर : गोविंदपुर के जनता मार्केट में रविवार को कंटेनमेंट जोन को लेकर स्थानीय लोग फिर सड़क पर उतर आये और हंगामा किया. लोग कंटेनमेंट जोन बने 14 दिन से अधिक हो जाने बाद सीलिंग खोलने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि सीलिंग नहीं खुलने के कारण काफी परेशानी हो रही है. आवागमन बंद है. दैनिक उपयोग की वस्तुएं, सब्जी, खाद्य सामग्री आदि भी नहीं खरीद पा रहे हैं. ऐसे में सीलिंग नहीं खोली गयी, तो यहां के लोगों को खाने के भी लाले पड़ जायेंगे. स्थानीय निवासी एक वरिष्ठ नागरिक ने कहा कि क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बने 14 से 21 दिन पार होने जा रहा है और उपायुक्त का निर्देश है कि जब तक कोरोना मरीज ठीक होकर घर नहीं पहुंच जाता, तब तक सील नहीं खोले जाएंगे। ऐसे में सवाल यह आता है कि अब एक परिवार के चलते 100 से 150 परिवार मर जाएंगे, वह भी कोरोना से नहीं बल्कि भूख से। यहां प्रतिदिन कमाने खाने वाले बहुत परिवार हैं। इस कंटेनमेंट जोन में प्रतिदिन कमाने-खाने वाले लोगों की संख्या अधिक है। सभी किराए के मकान में रहते हैं। लगभग 3 महीना के लॉकडाउन के कारण घर में बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि बाजार में पेट्रोल पंप, दवा दुकान, पूजा दुकान, मिठाई दुकान, कपड़ा दुकान, लेडीज कॉर्नर और कुछ दुकान है। जो सभी बैंकों से लोन लिए हुए हैं। कुछ ऐसी भी बात है। मिठाई दुकान के कर्मचारी जो लॉकडाउन के कारण दुकान में फंस चुके हैं। उनका भी खानपान और महीने का पेमेंट देने में मालिक असमर्थ हो रहे हैं। ऐसे में नगद पैसा भी खत्म हो गया है। सरकार और प्रशासन द्वारा कुछ दिनों का राशन दिया गया था, जो चंद दिनों में खत्म हो गया है। राशन से ही दिन पार नहीं होता। यहां हर घर में बच्चे हैं। उन्हें क्या पता लॉकडाउन और कंटेनमेंट जोन के बारे में? इन सबके मद्देनजर स्थानीय लोगों ने उपायुक्त से निवेदन है कि एक परिवार के कारण इतने परिवार को हो रही परेशानी को समझें और अगर सील नहीं खोलना चाहते हैं तो प्रतिदिन का राशन और नगद पैसा जदिया जाए ताकि भुखमरी की नौबत न आये।







