जमशेदपुर : जमशेदपुर तेली साहू समाज एवं महिला तेलू साहू समाज के तत्वावधान में रविवार को कुलदेवी माता राजिम की जयंती सह 52वां राजिम महोत्सव का आयोजन किया गया. सिदगोड़ा सूर्यमंदिर में आयोजित समारोह की शुरुआत सत्यनारायण पूजा एवं संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष मनमोहन लाल साहू द्वारा समाज के झंडोत्तोलन के साथ हुई. इस अवसर पर सामूहिक रूप से राष्ट्रगान भी गया गया. इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास मुख्य अतिथि एवं जमशेदपुर पूर्व की विधायक पूर्णिमा दास साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष दिनेश कुमार व समाजसेवी डॉ जेके देवांगन सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. (नीचे भी पढ़ें)

राजिम महोत्सव 2026 का उद्घाटन माता राजिम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण कर किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राजिम महोत्सव छत्तीसगढ़ी समाज की एकता की परिचय कराने का मौका है, इसलिए समाज संगठित रहे. उन्होंने कलियुग के संबंध में कहा कि संघे शक्ति कलियुगे, यानी कलियुग में जिसके पास संगठन की शक्ति होगी, दुनिया उनके सामने झुकेगी, इसलिए साहू समाज अपनी एकता बनाए रखे. उन्होंने समाज से संगठित होने की अपील की. समाज में बेटे के साथ बेटियों को भी पढ़या जाए, क्योंकि एक बेटी दो घरों को संस्कार देती है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति को नमन किया. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि पूर्णिमा साहू ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए नारी शक्ति को आगे आने की जरूरत है. माता राजिम के मार्ग पर चलकर समाज को आगे बढ़ाएं. इस अवसर पर सम्मानित अतिथि दिनेश कुमार ने कहां की युवा शक्ति को आगे आकर समाज एवं संस्कृति को आगे बढ़ाना चाहिए. इस अवसर पर साहू समाज के केंद्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी महिला पदाधिकारी को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर साहू समाज के मेधावी बच्चों को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. केंद्रीय महिला अध्यक्ष जया साहू ने माता राजिम की जीवनी पर प्रकाश डाला. केंद्रीय महामंत्री रामनरेश साहू ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. (नीचे भी पढ़ें)

स्वागत भाषण केंद्रीय अध्यक्ष मनमोहन लाल साहू एवं मंच संचालन त्रिवेंद्र कुमार साहू, प्रीति साहू, एवं नीतू साहू ने किया. धन्यवाद ज्ञापन केंद्रीय उपाध्यक्ष गिरवर प्रसाद साहू ने किया. इस अवसर पर राम साहू के के ग्रुप सरस्वती कला मंच, सोनारी की ओर से एक से बढ़कर एक छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुतियां भी की गईं. गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आरंभ हुआ. छत्तीसगढ़ी धान के कटोरा, अरपा पैरी के धान लोकगीतों पर सभी झूम उठे. (नीचे भी पढ़ें)

इस इस मौके पर समाज के पांच हजार लोगों ने माता का भोग प्रसाद ग्रहण किया. राजिम महोत्सव को सफल बनाने में मुख्य रूप से केशव लाल साहू, प्रीत राम साहू, राम साहू, जितेन्द्र कुमार साहू, चेतन साहू, कमला साहू, अनिता साहू, गीता साहू, विमला साहू, रेखा साहू, लक्ष्मी साहू, शीलू साहू, गीतांजलि साहू, दुर्गा साहू, नेहा दास, संगीता साहू, रत्ना साहू, सविता साहू, शांत साहू, नीतू साहू, हेमलता साहू, राखी साहू, शशि देवी, तरुण साहू रेणुका साहू, संतोषी साहू, लालूराम साहू, खेमलाल साहू, सत्येंद्र कुमारसाहू, गिरधारी लाल साहू, कन्हैया राम साहू, हेमंत साहू, चंद्रशेखर साहू, जागेश्वर साहू, भुवनेश्वर साहू, लखन राम साहू, संतराम साहू, बाबू दास साहू, धर्मेंद्र साहू, दिनेश कुमार साहू, एन प्रकाश साहू आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा.







