
आदित्यपुर : झारखंड सरकार के विशेष सचिव व सरकार से हिंदी साहित्य की हिंदी सेवी सरकार सेवक का सम्मान पानेवाले अधिकारी एचएन राम का पार्थिव शरीर रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गया. पार्वती घाट पर झारखंड सरकार के प्रशासनिक व साहित्यकारों के साथ गणमान्यों की उपस्थिति में उनका दाह संस्कार संपन्न हुआ. वे जब सरकार की सेवा में थे तब उन्होंने समाज विज्ञानी रवींद्र नाथ चौबे और पत्रकार चंद्रदेव सिंह राकेश के साथ मिलकर वरदान ज्योति संस्था का निर्माण कर वर्ष 2007 से 2015 तक सैकड़ों लोगों की मदद की. उनके व्यक्तित्व की चर्चा आम लोगों की जुबान पर रही. उनकी दो पुस्तकें “दुर्योधन अभी मरा नहीं” और “औरतनामा” आज भी चर्चा में है, जबकि तीसरी पुस्तक “कितने हिटलर” शीघ्र प्रकाशित होनेवाला है. उनके निधन की खबर पाकर प्रशासनिक अधिकारी चाईबासा के एडीसी सुनील कुमार, जियाडा के उप निदेशक प्रेमरंजन, डीआरडीए निदेशक सौरभ सिन्हा, पूर्व डीडीसी महेश्वरी प्रसाद के अलावा पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, साहित्यकार जयनंदन, डॉ अशोक, उद्यमी आरके सिन्हा, बिल्डर आरके सिन्हा, विकास सिंह, उदय सिंह, रेडक्रॉस के विजय सिंह, अधिवक्ता ओम प्रकाश, सत्य प्रकाश, घाटशिला के समाजसेवी कालीराम शर्मा आदि महत्वपूर्ण व्यक्ति अंत्येष्टि में शामिल होकर शोक व्यक्त किया.




