जमशेदपुर : आदिवासी सेंगेल अभियान ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जमशेदपुर जिला मुख्यालय से मारंग बुरू बचाओ भारत यात्रा की शुरुआत की. सेंगेल अभियान के अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में चलने वाले इस अभियान में संगठन मारंग बुरू (ईश्वर) पारसनाथ पहाड़ को जैनियों को सौंपे जाने से बचाने का प्रयास करेगा. इसके साथ ही सेंगेल अभियान इस यात्रा के माध्यम से सरना धर्म कोड को मान्यता दिलाने का समर्थन एवं कुड़मियों को आदिवासी घोषित करने की मांग के विरोध जैसे कई मुद्दे भी उठाये जायेंगे. (नीचे भी पढ़ें)

इस अवसर पर सेंगेल अभियान के अध्यक्ष, पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने कहा कि पारसनाथ पहाड़ दर असल सरना आदिवासियों का मारंग बुरू (ईश्वर) है, जिस पर जैनियों ने कब्जा जमा लिया है. उन्होंने झारखंड सरकार पर भी केंद्र को इसके जैन धर्मावलंबियों का होने की बात लिख कर दे देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरना आदिवासी इसे स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने इसके विरोध में आज से रंगबुरू बचाओ भारत यात्रा शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके तहत आज देश के 50 जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इसके तहत देश के विभिन्न आदिवासी बहुल जिलों में जनसभाएं कर लोगों को जागरूक किया जायेगा, जो फरवरी अंत तक चलेगा. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बताया कि इसके तहत 18 जनवरी को रांची, 19 को रामगढ़, 20 को हजारीबाग, 21 को जामताड़ा, 22 को दुमका, 23 को गोड्डा ज़िलों की यात्रा की जायेगी. उसके बाद 25 जनवरी को पुरुलिया, 26 को बांकुड़ा एवं 31 जनवरी को चाईबासा में सभाएं आयोजित की जायेंगी. मारंग बुरू बचाओ भारत यात्रा के जरिये वर्ष 2023 में हर हाल में सरना धर्म कोड की मान्यता लेने, कुरमी को एसटी के मामले में एवं झारखंड में प्रखंडवार नियोजन नीति लागू करने, देश के सभी पहाड़ पर्वतों को आदिवासियों को सौंपने जैसे मामलों पर प्रकाश डाला जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि इस संबंध में विगत 14 जनवरी को राष्ट्रपि द्रौपदी मुर्मू को भी पत्र भेज कर इसकी जानकारी दी गयी है. सालखन मुर्मू ने कहा कि देशोम गुरु एवं ईसाई गुरु के खिलाफ भी आवाज बुलंद किया जाएगा, क्योंकि दोनों और उनके अंधभक्त आदिवासियों के हासा, भाषा, जाति, धर्म, रोजगार आदि को बचाने में बेकार साबित हुए हैं. उन्होंने कहा कि इन्होंने मारंग बुरू एवं लुगू बुरू को भी बेचने का काम किया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है.



