
जमशेदपुर : हाल के दिनों में जमशेदपुर में कई मामले ऐसे आ रहे थे, जहां जमशेदपुर के लोगों के एटीएम कार्ड से बिना पैसे निकले खाते से रुपये निकल जा रहे थे. जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पाया कि साइबर अपराधी एटीएम कार्ड रीडर को ही बदलकर एटीएम से जुड़ी जानकारियां चुरा रहे थे. इस मामले में पुलिस ने कई खुलासे किए जिसमें यह बात सामने आई कि सिर्फ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) बैंक के एटीएम को ही निशाना बनाया जा रहा था. पुलिस ने संदिग्ध एटीएम की जांच की तो पाया कि जिन एटीएम में बैंक द्वारा सुरक्षा को लेकर गार्ड नहीं रखा गया है, उन्ही एटीएम को साइबर अपराधियों द्वारा अपना निशाना बनाया जा रहा था. हालांकि खुलासे के बाद से बिष्टुपुर साइबर थाना में अब तक साइबर क्लोनिंग का एक भी मामला सामने नहीं आया है. फिर भी पुलिस ने एसबीआई बैंक के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर जमशेदपुर भर में लगे एटीएम को जांच करने के आदेश दिए है. फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज का इंतेजार कर रही है.
जमशेदपुर पुलिस के आदेश की अनदेखी का नतीजा एटीएम हैकिंग
पूर्व में साइबर अपराधियों द्वारा स्किमर मशीन द्वारा ही एटीएम की जानकारी चुराई जाती थी. यह एक ऐसा डिवाईस होता है जिसे साइबर अपराधी कार्ड डालने की जगह में लगाते है. बाद में इससे बचने के लिए साइबर डीएसपी जयश्री कुजुर द्वारा सभी बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक कर एक आदेश दिया था जिसमें जमशेदपुर के सभी ऐसे एटीएम जिनमें गार्ड की सुविधा नहीं है उसे रात आठ बजे से बंद किया जाए, पर बैंकों ने इसकी अनदेखी कर दी.
साइबर अपराधियों के पास हर जोड़ का तोड़
पूर्व में साइबर अपराधियों द्वारा स्किमर द्वारा एटीएम कार्ड की जानकारी चुराई जाती थी. इससे बचने के लिए सभी बैंकों ने मैग्नेटिक स्ट्रीप वाला एटीएम कार्ड बंद कर चिप वाला एटीएम कार्ड जारी किया जिससे कुछ दिनों तक एटीएम क्लोनिंग बंद हो गई थी. साइबर अपराधियों ने इसकी भी तोड़ निकालते हुए एटीएम मशीन में ही छेड़छाड़ कर चिप क्लोनिंग मशीन लगा दी.
नालंदा से आए साइबर अपराधियों पर शक
बीते दिनों साइबर पुलिस ने नालंदा निवासी साइबर अपराधी रितेश को सिदगोड़ा के बागुननगर से गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इसके पास से कई एटीएम कार्ड और बैंक के पास बुक बरामद किए थे. पुलिस को पूछताछ में पता चला था कि रितेश के साथ तीन अन्य अपराधी साइबर अपराध को अंजाम देने जमशेदपुर पहुंच गए है. पुलिस को शक है कि हो इन घटनाओं को अंजाम देने में उन्ही अपराधियों का हाथ है फिर भी पुलिस सीसीटीवी फुटेज आने का इंतजार कर रही है.






