
जमशेदपुर : जमशेदपुर में एक बार फिर से एटीएम क्लोनिंग के मामले लगातार बढ़ रहे है. इसकी सीधा असर आम लोगों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है. हाल के दिनों में कई एसे मामले सामने आए है. ताजा मामला सीएच एरिया स्थित एसबीआई एटीएम का है जहां साइबर अपराधियों ने एटीएम में लगे कार्ड स्लौट के साथ छेड़छाड़ कि साथ ही उन्होने कैश विंडो भी तोड़ दिया. वहीं करऩडीह चौक स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से भी क्लोनिंग का मामला सामने आया है. साइबर पुलिस ने तो यहां साफ तौर पर एटीएम के बाहर नोटिस चिपकाया है कि कृप्या इस एटीएम का उपयोग न करे, एटीएम कार्ड क्लोनिंग किया जा रहा है. हालांकि इन सभी मामलों में साइबर पुलिस अपनी तत्परता तो दिखा रही है. पर शहर के बैंक पुलिस का साथ नहीं दे रहे है .यही कारण है कि आए दिन ऐसी घटनाए सामने आ रही है. इसको देखते हुए कई एटीएम को बंद करााया गया है. इसमें परसुडीह करणडीह चौक पर स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम, मानगो चौक पर स्टेट बैंक के एटीएम और सीएच एरिया पेट्रोल पंप का एटीएम समेत कई एटीएम को बंद करा दिया गया है. बताया जाता है कि झारखंड के जामताड़ा के गिरोह के लोग इसमें शामिल है, जो इस तरह की घटना को घुमघुमकर पूरे देश में अंजाम देते है. यह गिरोह अभी जमशेदपुर में है और लोगों के एटीएम से पैसे निकााल रहे है और एटीएम की क्लोनिंग कर ले रहे है, जिससे कहीं और से भी लोग आपके एटीएम से पैसे निकाल लेते है.

बैंक नहीं मानते पुलिस प्रशासन कि बात, सारी सुरक्षा पुलिस के भरोसे
शहर की साइबर पुलिस द्वारा कई बार बैंको को नोटिस दिया गया है कि बैंकों के बाहर गार्ड कि तैनाती कि जाए पर बैंक इस नियम का पालन नहीं करते है. पुलिस ने जब इन सभी मामलों में अनुसंधान किया तो पाया कि ये सभी घटनाएं ऐसे एटीएम से होती है जहां या तो गार्ड नहीं होते या फिर ये सुनसाथ इलाके में होते है. इन सभी बातों को फायदा उठाकर साइबर अपराधी आराम से एटीएम के साथ छेड़छाड़ करते है. पूर्व में भी साइबर डीएसपी जयश्री कुजूर द्वारा बैंको को यह निर्देश दिया गया था कि जिन एटीएम में गार्ड मौजूद न हो उसे रात आठ बजे के बाद बंद कर दिया जाए. बावजूद इसके बैंक इस नियम का पालन नहीं करता. इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है.
क्या है एटीएम क्लोनिंग
एटीएम क्लोनिंग एक एटीएम कार्ड की सारी जानकारी दुसरे कार्ड में डाले जाने की प्रक्रिया है. एटीएम क्लोनिंग के माध्यम से साइबर अपराधी आपके पास एटीएम कार्ड रहते हुए भी आपका कार्ड कहीं औऱ इस्तेमाल कर सकते है. पहले बैंको द्वारा मैग्नेटिक स्ट्रीप वाले एटीएम कार्ड जारी किए जाते थे. जिसे स्कीमर मशीन द्वारा आसानी से क्लोन किया जा सकता था. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैंकों द्वारा अब चिप लगा एटीएम कार्ड जारी किया जा रहा है. हालांकि इसे क्लोन करना थोड़ा मुश्किल होता है पर साइबर अपराधी इसकी भी क्लोनिंग कर लेते है. साइबर अपराधी एटीएम के कार्ड रिडर को बदलकर अपना कार्ड रिडर लगा देते है. साथ ही वे एटीएम में लगे की-पैड के उपर एक छोटा सा कैमरा भी लगा देते है. जैसे ही आप आपना एटीएम कार्ड मशीन में डालते है वैसे ही आपके कार्ड से जुड़ी सारी जानकारी कार्ड रिडर में सेव हो जाती है. आपके द्वारा एटीएम का पिन डालने पर भी वो कैमरे में कैद हो जाता है. एटीएम से जुड़ी सारी जानकारी साइबर अपराधी कहीं और भेज देते है. जहां से आपके कार्ड को क्लोन कर रुपये की निकासी कर ली जाती है.
ये सावधनियां बरते
हो सके तो एटीएम का उपयोग कम ही करे. अगर ज्यादा जरुरी हो तो वैसे एटीएम से रुपये निकासी करने की कोशिश करे जहां एटीएम में गार्ड मौजूद हो. इसके अलावा एटीएम के की-पैड की जांच कर ले की कहीं उसके उपर किसी तरह का कैमरा तो नहीं लगा है. अन्य किसी व्यक्ति को एटीएम में प्रवेश न करने दे. अगर आप एसबीआई के ग्राहक है तो योनो कैश का इस्तेमाल करे. इसमें आपको एटीएम से निकासी के लिए एटीएम कार्ड की जरुरत नहीं पड़ती.
क्या कह रही है पुलिस
बैंकों को इस संदर्भ में नोटिस दिया गया है, उनसे सीसीटीवी फुटेज भी मांगी गई है, वरीय पदाधियकारियों को भी पत्र लिखा गया है. जल्द ही इसपर कार्रवाई होगी. -उपेंद्र कुमार मंडल, साइबर थाना प्रभारी







