
जमशेदपुर : झारखंड के देवघर जिला के पलाजोरी बीडीओ नागेंद्र तिवारी के संदिग्ध मौत मामले की जांच जमशेदपुर पुलिस ने शुरू कर दी है. परिजनों के लिखित शिकायत पर जुगसलाई थाना में मामला दर्ज करते हुए उक्त संदिग्ध मौत की जांच शुरू किए जाने की बात जिले के एसएसपी एम तमिल वानन ने कही है. उन्होंने बताया कि परिवार वालों द्वारा दर्ज शिकायत के आधार पर सभी बिंदुओं की जांच करते हुए जिस मुखिया को आरोपी बनाया गया है उसकी भी जांच की जा रही है.
उन्होंने बताया कि मामले की जांच को लेकर एक टीम को देवघर भी भेजा गया है. वहीं उन्होंने बीडीओ को मानसिक रूप से तनाव में होने की पुष्टि की है. वैसे बीडीओ नागेंद्र तिवारी की मौत के मामले में परिवार के लोगों के अलावा समाज के विभिन्न वर्ग ही यह मानते हैं कि हत्या का मामला है और इसके पीछे बालू माफियाओं का हाथ है. यही वजह है कि झारखंड सरकार हो या विपक्ष के नेता हर कोई इस घटना से हतप्रभ है क्योंकि बीडीओ नागेंद्र तिवारी एक ईमानदार अफसर थे और उन्होंने बालू माफियाओं के खिलाफ काफी हद तक कार्रवाई की थी. अगर यह हत्या का मामला नहीं दी है तो भी आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का मामला तो जरूर बनता है वैसे पुलिस मृतक बीडीओ नागेंद्र तिवारी के फोन नंबर के सारे कॉल डिटेल को खंगाल रही है ताकि सच्चाई तक पुलिस पहुंच सके.






