
जमशेदपुर : समाजवादी चिंतक एवं राष्ट्रीय जनता दल के वरीय नेता राधे प्रसाद यादव नहीं रहे. सोमवार की सुबह चार बजे जमशेदपुर के स्थानीय टाटा मेन अस्पताल (टीएमएच) में उनका निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार सोमवार के दोपहर तीन बजे स्वर्ण रेखा बर्निंग घाट में किया जाएगा. वह अपने पीछे बेटा सुनील यादव दो बेटियां भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं. राधे प्रसाद यादव के निधन पर राष्ट्रीय जनता दल नेता कमलदेव सिंह, मंजर अमीन, जोगिंदर यादव, कश्मीर सिंह यादव, समाजवादी चिंतक अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू, क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह, अरमिंदर सिंह मिंदे आदि ने गहरा शोक व्यक्त किया है. (नीचे देखे पूरी खबर)

जोगिंदर यादव ने बताया कि दोपहर दो बजे राधे यादव के पार्थिव शरीर को एग्री को बैंक ऑफ़ बड़ौदा के सामने स्थित जिला राजद मुख्यालय में नेताओं एवं आम लोगों के दर्शनार्थ रखा जाएगा. राधे यादव टाटा स्टील में पदाधिकारी रहे हैं और विश्व स्त्री कमेटी के जिला उपाध्यक्ष रहे तथा 1995 में जनता दल एवं 2000 में राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े थे. उनकी पहचान पूरे राज्य में कर्मठ इमानदार सत्यवादी नेता के रूप में रही है. अधिवक्ता कुलविंदर सिंह ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि उनकी आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार तथा चाहने वालों को दुख सहने की शक्ति दे. (नीचे देखे पूरी खबर)
राधे यादव के निधन पर सरयू ने दुख जताया
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने वयोवृद्ध राष्ट्रीय जनता दल के नेता स्वर्गीय राधे यादव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. श्री राय को जानकारी मिली थी कि उनकी तबीयत खराब है. सोमवार की सुबह वह उन्हें देखने टीएमएच पहुंचे जहां उन्हें पता चला कि राधे बाबू का निधन हो गया है. श्री राय ने एक्स पर लिखाः राधे बाबू नहीं रहे. सुबह 4 बजे उन्होंने नश्वर संसार से विदा ले लिया. अस्पताल जाकर उनकी स्मृति को प्रणाम किया. आधार स्तंभ ढहने जैसा खालीपन महसूस हो रहा है. राधे बाबू जमशेदपुर में राजद की नींव थे और सर्वप्रिय थे. उनका एहसान हमेशा याद रहेगा. ईश्वर पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान दें. (नीचे देखे पूरी खबर)

पूरेन्द्र ने जताया शोक : राजद के प्रदेश महासचिव सह प्रभारी पूर्वी सिंहभूम पुरेंद्र नारायण सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि राधे प्रसाद यादव मेरे अभिभावक और राजनीतिक गुरु थे. पुरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि मैंने वर्ष 1990 से लेकर वर्ष 2005 तक राधे प्रसाद यादव के नेतृत्व में पूर्वी सिंहभूम में युवा राजनीति मैं यादगार भूमिका निभाई थी और जीवन के अंतिम समय तक मैंने बीच-बीच में श्री राधे प्रसाद यादव से राजनीतिक सामाजिक विषय पर विचार विमर्श करता रहा हूं.




