
जमशेदपुर : भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के लोग जमशेदपुर के उपायुक्त से मिलने के लिए पहुंचे. इन लोगों ने डीसी से मांग की कि एससी, एसटी, ओबीसी के लोगों का जाति प्रमाण पत्र बनने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. एससी व एसटी को वर्ष 1950 से झारखंड में निवास करने का प्रमाण देना है और ओबीसी को 1978 से देना है, परंतु जिसके पास अपनी जमीन नहीं है, उसके लिए स्थानीय जांच का प्रबंध है, जिसमें ग्रामसभा करके जांच की जाती है, जिसमें गांव के लोग ग्राम प्रधान एवं ग्रामवासी बैठक करके जांच करते हैं, जिसका प्रारूप के माध्यम से जांच होती है, उसमें दूसरे कॉलम में पांच खतियानधारी का कागजात मांगा जाता है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं, उन्हें वह उपलब्ध हो जाता है, मगर शहरी क्षेत्रों में जमशेदपुर टाटा कंपनी लीज जमीन पर, जो एससी-एसटी-ओबीसी निवास कर रहे हैं, वह कैसे 5 खतियानधारी को दिखा सकते हैं क्योंकि टाटा कंपनी क्षेत्रों में जो भी एससी-एसटी-ओबीसी निवास कर रहे हैं, लीज एरिया है, उनके पास खतियान कहां से आयेगा. इस कारण सर्टिफिकेट नहीं बनाया जा रहा है. सरकार के जिस नियम के तहत सर्टिफिकेट बनाना है, उसमें कंडिका 13 में यह स्पष्ट है कि स्थानीय जांच करने के बाद का सर्टिफिकेट दिया जा सकता है परंतु यह नियम, जिसमें पांच खतियानधारी मांगा जा रहा है, उनके कागजात मांगे जा रहे हैं, यह जमशेदपुर में उपलब्ध नहीं हो पाएगी जिस वजह से लोगों को सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा है. इन लोगों ने मांग की है कि जिस प्रकार पहले जमशेदपुर में कास्ट सर्टिफिकेट निर्गत की जा रही थी, उसी प्रकार पुनः कंडिका 13 में माध्यम से स्थानीय जांच करके एससी-एसटी-ओबीसी का सर्टिफिकेट निर्गत किया जाए क्योंकि बहुत सारे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं जो जमशेदपुर में निवास कर रहे हैं, आने वाली परीक्षा जेपीएससी एवं यूपीएससी अन्य परीक्षा में अपने आरक्षण का लाभ नहीप ले पा रहे है. इस प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष विमल बैठा के अलावा अजीत कालिंदी, ओम प्रकाश रजक, हीरा लाल रजक, विकास कुमार सोना समेत अन्य लोग शामिल थे.





