जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में हुई त्रासदी में तीन मरीजों की जान चली गई वहीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं. अब इस मामले में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है. मंत्री ने एक टीवी इंटरव्यू में विधायक पूर्णिमा साहू पर कहा कि जब वे अस्पताल पहुंचीं तो उनके चेहरे पर केक लगा हुआ था. मंत्री के इस टिप्पणी पर भाजपा हमलावर हो गई है. भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने आपत्तिजनक टिप्पणी से न केवल महिला जनप्रतिनिधि का अपमान किया, बल्कि पीड़ित परिवारों की पीड़ा का भी मजाक उड़ाया. भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे मंत्री की संवेदनहीनता, महिला विरोधी सोच और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का प्रतीक बताया. (नीचे भी पढ़ें)
सुधांशु ओझा ने कहा कि महिलाओं पर इरफान अंसारी ने इससे पहले भी शर्मनाक टिप्पणी की है. कहा कि मंत्री जैसे पद पर बैठा व्यक्ति जब इस तरह की हल्की और बेबुनियाद बातें करता है तो राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि एमजीएम की अधूरी इमारत का उद्घाटन कर हेमंत सरकार ने केवल दिखावा किया था, जबकि अस्पताल अब भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. उन्होंने सवाल उठाया कि इरफान अंसारी ने अपने कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए. साथ ही, उन्होंने नए एमजीएम अस्पताल के साथ भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई स्वास्थ्य योजनाओं और संस्थानों का हवाला देते हुए झामुमो-कांग्रेस सरकार की विफलताओं को भी उजागर किया. जिलाध्यक्ष सुधांशु ओझा ने मांग की है कि इरफान अंसारी अपने गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें तथा जर्जर घोषित हो चुके एमजीएम अस्पताल के भवन में इलाज जारी रखने वाले अधिकारियों की भूमिका के साथ हादसे की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए.



