
रांची/जमशेदपुर : हेमंत सरकार के एक साल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी ने हर जिले में सरकार के खिलाफ आरोप पत्र जारी किया. इसके तहत रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने संयुक्त रुप से आरोप पत्र को जारी किया. वहीं, जमशेदपुर में भी आरोप पत्र जमशेदपुर महानगर ने जारी किया जिस दौरान राज्य के कई लोगों ने हिस्सा लिया. जमशेदपुर महानगर ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप पत्र जारी कर महागठबंधन सरकार के एक वर्ष की नाकामियां गिनाई. भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो व महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने हेमंत सरकार को कई मुद्दों पर घेरा. प्रेस को संबोधित करते हुए सांसद विद्युत महतो ने कहा कि प्रदेश की हेमंत सरकार ने जनता के साथ छल किया है. अपने एक वर्ष के कार्यकाल में सरकार कई मोर्चों पर पूर्ण रूप से असफल साबित हुई. बड़े वादे एवं बड़ी बातों के सहारे सत्ता में आई हेमंत सरकार ने जनता के आकांक्षाओं के विपरीत कार्य किया. हेमंत सरकार ने एक साल में जनता बदहाल, मंत्री मालामाल और सभी विभागों में दलाल को चरितार्थ किया. उन्होंने कहा कि सरकार में इक्षाशक्ति की भारी कमी देखने को मिली. जहां कोरोना काल में बदहाल व्यवस्था के कारण झारखंड कोरोना से निपटने में पूरी तरह विफल रही वहीं, टेस्टिंग के नाम पर गरीब जनता को लूटा गया. क्वारंटाइन सेंटर की हालत नरक के समान थी. कोल्हान के सबसे बड़े अस्पताल एमजीएम की कुव्यवस्था किसी से छिपी नहीं है, पूरे कोरोना काल के दौरान हेमंत सरकार क्वारंटाइन दिखी और प्रदेशवासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया. किसानों को दो लाख के कर्ज माफी और मुफ्त बिजली के वादे चुनावी मंच तक सिमट कर रह गयी. एक साल के दौरान ना कर्ज माफी हुई और न ही मुफ्त बिजली मिली. राज्य में धान क्रय केन्द्र तो बनाए गए, लेकिन उन केन्द्रों पर किसानों के धान की खरीद नहीं हो रही है. वहीं, पूर्व की भाजपा सरकार के दौरान प्रति एकड़ पांच हजार की प्रोत्साहन राशि बंद कर किसान विरोधी मानसिकता का परिचय दिया. बीते एक वर्षों में विकास कार्य पूरी तरह ठप्प रहा है. भाजपा सरकार के दौरान प्रारंभ किये गए विकास कार्यों पर भी ग्रहण लग गए हैं. सड़क, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह चरमरा गई है. श्री महतो ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर हेमंत सोरेन का उदासीन रवैया विकास विरोधी होने का सबसे बड़ा प्रमाण है. जब राज्य में उपचुनाव हो सकते हैं तो पंचायत चुनाव क्यों नहीं ? पंचायत चुनाव नहीं होने से विकास का पहिया पूरी तरह से थम जाएगा. केन्द्र सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि रूक जाएगी. पूरे प्रदेश में बढ़ते महिला अपराध से जनता भयाक्रांत हैं, एक वर्ष में पंद्रह सौ से ज्यादा दुष्कर्म के मामलों ने झारखंड को शर्मसार किया. प्रतिदिन औसतन 5 बच्चियों-महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटना घटित हो रही है. महिला सशक्तिकरण की दिशा में किये गए पूर्व के रघुवर दास के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दौरान प्रारंभ योजना एक रुपये में महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री को बंद कर दिया. राज्य में खनीज की लूट हो रही है.

राज्य में बालू घाट की निलामी बंद है. कोयले एवं आयरन ओर का अवैध उत्खनन एवं चोरी और लूट चरम पर है. बीते एक साल में प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वसत है. अपराधियों और उग्रवादियों के मंसूबे सातवें आसमान पर हैं, नक्सलवाद फिर से पांव पसार रहा है. राज्य में अपराधियों और कोयला तस्करों का मनोबल चरम पर है. राज्य में इस सरकार के एक साल के कार्यकाल में लगभग 1831 हत्याऐं हो चुकी है. लगभग 2200 दंगा फसाद की छोटी-बड़ी घटनाएं हो चुकी है. सरकार बनने के बाद 1148 अपहरण की घटनाएं घट चुकीं है. हेमंत सरकार में अब तक कई भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई, जमशेदपुर में अधिकवक्ता प्रकाश यादव की हत्या हुई. इसके अलावा सैकड़ों निर्दोष भाजपा कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा गया. हेमंत सरकार में अब तक 3000 से अधिक अधिकारियों स्थानांतरण-पदस्थापन हुआ है. ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रदेश में एक उद्योग का रूप ले चुका है, जो भ्रष्टाचार का जीता – जागता नमूना है. सांसद विद्युत महतो ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, अस्तित्व को बचाने के लिए धर्म स्वतंत्र विधेयक लाया गया था जिससे राज्य में आदिवासियों को प्रलोभन देकर धड़ल्ले से चल रहे धर्मांतरण पर रोक लगायी गयी थी परंतु हेमंत सरकार में धर्मांतरण जोड़ो से चल रहा है. हाल के कई घटनाओं में इसके प्रमाण मिले हैं. चुनाव के समय पारा शिक्षकों को स्थायी करने की बात कही गयी थी परन्तु अब तक पारा शिक्षकों के स्थायीकरण की दिशा में न कोई काम हुआ और न ही उनका मानदेय बढ़ाया गया. भ्रष्टाचार में लिप्त हेमंत सरकार ने खुद को बचाने के लिए राज्य में सीबीआई को बिना राज्य सरकार की अनुमति के जाँच पर प्रतिबन्ध लगा दिया है. उन्होंने हेमंत सरकार को सलाह दी कि बचे वर्षों में झारखंड की जनता के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कार्य करें. कहा कि अगर कुछ नया करने में असमर्थ हैं तो कम से कम भाजपा सरकार के दौरान प्रारंभ किये कार्यो को बंद करने के बजाय गति प्रदान करें. वहीं, भाजपा महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव ने हेमन्त सरकार को वर्ष में पांच लाख युवाओं को रोजगार के वादे याद दिलाते हुए कहा कि वादा पूरा नहीं होने पर राजनिति से सन्यास लेने की घोषणा शहीद निर्मल महतो के पुण्यतिथि पर कही थी. एक शहीद के नाम पर राजनीति कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अब तक युवाओं के साथ धोखा ही किया है. रोजगार नहीं देने पर बेरोजगारी भत्ते के रूप में 5000 और 7000 रूपये देने की घोषणा की गई थी लेकिन एक रुपया नहीं मिला. इस दौरान कई कंपनियों में ताले लग गए. संविदा पर नियुक्त कर्मियों की सेवा कई विभागों में समाप्त कर दी गई जब सहायक पुलिस कर्मियों ने रोजगार मांगा तो उस पर लाठी चार्ज की गई. संवेदनहीन हेमन्त सरकार ने पारा स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गयी. प्रेस वार्ता के दौरान जिला महामंत्री अनिल मोदी, महामंत्री राकेश सिंह एवं जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा उपस्थित थे.





