
जमशेदपुर : जमशेदपुर के महानगर भाजपा के जिला अध्यक्ष गुंजन यादव के पद संभाले हुए एक माह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक जिला कमेटी की घोषणा नहीं की गयी है. इसके अलावा ग्रामीण जिला अध्यक्ष की भी घोषणा हुए एक माह का समय बीतने वाला है, लेकिन उन्होंने भी अपनी कमेटी की घोषणा नहीं की है. वैसे इस नयी कमेटी को लेकर राजनीति गरमा गयी है. झारखंड भाजपा में जमशेदपुर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है. यहीं वजह है कि यहां राजनीति भी संगठन के पदों और मंडलों के अध्यक्षों से लेकर मोरचा के अध्यक्षों को लेकर काफी माहौल गरम है. सूत्र बताते है कि एक बार सूची को ले जाकर जमशेदपुर के जिला अध्यक्ष गुंजन यादव ने प्रदेश कमेटी को दिखा दी थी तो ग्रामीण जिला अध्यक्ष ने भी अपनी सूची को प्रदेश अध्य्क्ष को भेजी थी. बताया जाता है कि इस कमेटी की घोषणा के लिए एक दो दिनों के लिए रोक दी गयी है. घोषणा वैसे तो 15 अगस्त तक होने वाली थी, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष ने अंदरुनी विवाद को देखते हुए रोक दी है. बताया जाता है कि भाजपा के जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो, बहरागोड़ा के पूर्व विधायक और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी के साथ भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी के बीच ठन गयी है. बताया जाता है कि कुणाल षाड़ंगी और डॉ दिनेशानंद गोस्वामी के बीच अंदरुनी ”टाइअप” (समझौता) हो गया है.
दोनों ने अपने-अपने करीबियों को जमशेदपुर ग्रामीण भाजपा की जिला कमेटी, मोरचा, मंडलों में दिलाने में कामयाबी पायी थी तो जमशेदपुर महानगर में भी इन दोनों नेताओं का दबदबा बना रहा. वैसे यहां खुद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास है, जिनके ही परमभक्त के तौर पर गुंजन यादव जाने जाते है, जिस कारण यह साफ हो गया है कि कमेटी या मंडलों में अध्यक्ष या अन्य लोगों की इंट्री बिना एग्रिको के रघुवर दास की हरी झंडी के नहीं मिल सकती है. वैसे बताया जाता है कि कई मंडलों में पुराने अध्यक्ष को ही बरकरार रखा जा रहा है तो जिला कमेटी में तीन से चार लोग बनाये रखे जायेंगे. अनिल मोदी को बरकरार रखा जा सकता है. वैसे जमशेदपुर के भारतीय जनता युवा मोरचा के महानगर अध्यक्ष के तौर पर अमित अग्रवाल का नाम सामने आया है, जो पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के बेटे ललित दास के करीबी है जबकि मानगो के भाजपा नेता राजेश सिंह और भाजपा के जिला प्रवक्ता रह चुके अंकित आनंद का भी नाम है. वैसे राजेश सिंह खुद भाजपा के जिला अध्यक्ष गुंजन यादव से बड़े है, इस कारण उनके अधीन युवा मोरचा का अध्यक्ष जिला अध्यक्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्ति को रखना कितना सही होगा, इसको लेकर भी संशय की स्थिति बनी हुई है.
सूत्र बताते है कि भाजपा की जिला कमेटी में कई नये चेहरे को शामिल किया जा रहा है. वैसे इस मामले में सांसद विद्युत वरण महतो ने भी अपना विटो पावर लगा दिया है और कहा है कि अगर कमेटी में जगह नहीं दी गयी तो सामानांतर कमेटी का भी संचालन शुरू हो जायेगा जो संगठन के हित में नहीं होगा. इस कारण नयी कमेटी की घोषणा को रोक दिया गया है. बताया जाता है कि दो तीन दिनों में सारे गुट को समायोजित कर कमेटी की घोषणा कर दी जायेगी जबकि मंडलों के अध्यक्षों की भी घोषणा हो सकती है. बताया जाता है कि हाल ही में झाविमो का विलय भाजपा में हुआ है. ऐसे में भाजपा में जाने वाले नेताओं को भी कमेटी या मंडलों में जगह देने को कहा गया है, जिसकी एक सूची बाबूलाल मरांडी के स्तर पर जमशेदपुर के जिला अध्यक्ष को भेजी गयी है. वैसे जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव भारी दबाव में है तो जमशेदपुर के ग्रामीण जिला अध्यक्ष भी दबाव में है. इन सारे उधेड़बुन के बीच दोनों ही नेता कब तक कमेटी और मंडलों और मोरचा की घोषणा होगी, यह बताने को तैयार नहीं है.







