जमशेदपुर : भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की ओर से सोमवार को श्रमिकों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर डिमांड्स डे मनाया गया. इस दौरान प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर मांगों के जल्द समाधान की मांग की गई. बीएमएस की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत देशभर में 17 अगस्त को डिमांड्स डे मनाया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

इसी क्रम में जमशेदपुर में भी बीएमएस से जुड़े श्रमिक और कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर सामने आए और जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा. ज्ञापन में इपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने, इसे वीडीए से जोड़ने और आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाने की मांग की गई. इसके अलावा इपीएफ, इएसआइसी और बोनस की कवरेज सीमा बढ़ाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा ग्रेच्युटी की गणना में बदलाव की मांग उठाई गई. (नीचे भी पढ़ें)
बीएमएस ने सभी कर्मचारियों, जिसमें संविदा कर्मी भी शामिल हैं, के लिए समान काम के बदले समान वेतन लागू करने की मांग की. बढ़ती महंगाई के अनुरूप न्यूनतम वेतन में वृद्धि तथा आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील और एनएचएम समेत सभी स्कीम वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग भी ज्ञापन में शामिल है. इसके साथ ही बैंकों में सप्ताह में पांच दिन काम की व्यवस्था लागू करने और लेबर कोड में मजदूर विरोधी प्रावधानों में आवश्यक संशोधन की मांग की गई. बीएमएस ने रांची स्थित हेवी इंजीनियरिंग कंपनी और आठ राज्यों की 23 नेशनल टेक्सटाइल मिलों के श्रमिकों एवं कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित मामलों का तत्काल समाधान करने की मांग भी रखी. वहीं एलआइसी के डेवलपमेंट ऑफिसर्स को नौकरी की सुरक्षा देने तथा किसी भी तरह की बर्खास्तगी या वेतन कटौती नहीं करने की मांग भी बीएमएस ने केंद्र सरकार के समक्ष रखी.




