
जमशेदपुर : कोरोना की महामारी के बीच आर्थिक गतिविधियों पर भी इसका बुरा असर पड़ा है. जाहिर सी बात है कि सबको जमशेदपुर में बोनस का इंतजार किया जा रहा है. हालात यह है कि सारे लोग बोनस समझौता को लेकर तत्काल फैसला करने की मांग करने लगे है. वैसे यह उम्मीद जा रही है कि इस बार के बोनस पर मंदी का असर दिखेगा, जो कोरोना के कारण हुआ है. हालांकि, टाटा स्टील जैसी कंपनियों ने बेहतर स्थिति है. इसको लेकर सारे मजदूर और मजदूर नेता भी असमंजस की स्थिति में है. इसको लेकर खास तौर पर गृहणियों को इंतजार है. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

टाटा मोटर्स
टाटा मोटर्स में भी बोनस के साथ स्थायीकरण की परिपाटी रही है. कई बार कंपनी की ओर से ब्लॉक क्लोजर लिया जा चुका है. इससे कारोबार की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. टाटा मोटर्स में घाटा हो रहा है, ऐसे में स्थायीकरण के साथ बोनस की राशि बढ़ाना बड़ी चुनौती है. 2019-2020 के कारोबार के लिहाज से 2020 में टाटा मोटर्स के कर्मचारियों को 10 फीसदी बोनस हुआ जबकि अधिकतम 46001 और औसतन 32900 रुपये मिले थे. समझौता के तहत 2009 और 2010 बैच के 221 अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने पर भी सहमति बन गगयी थी. करीब 300 लोगों को सुपरन्यूएशन स्कीम का लाभ दिया गया था. कंपनी के अस्थायी कर्मचारियों को कार्य दिवस के मुताबिक, 8.33 फीसदी बोनस दिया गया था. पिछले साल 5600 स्थायी कर्मचारी थे जबकि 3700 अस्थायी कर्मचारी थे.
टाटा मोटर्स में पांच साल का बोनस एक नजर में :
वित्तीय वर्ष——-फीसदी——-न्यूनतम और अधिकतम राशि————स्थायीकरण
2014-2015——–10———14135 और 30221 रुपये——————–321
2015-2016——–12———16200 और 33150 रुपये—————–250
2016-2017——–10——–17893 और 36018 रुपये——————-301
2017-2018——-12.2—–23231 और 46321 रुपये——————305
2018-2019——-12.9——-19000 और 49000 रुपये——————306 (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

नुवोको विस्तास कार्प (लाफार्ज सीमेंट)
नुवोको विस्तास कार्प जोजोबेड़ा सीमेंट प्लांट में भी समझौता का इंतजार किया जा रहा है. यहां पिछले साल फार्मूला के तहत समझौता हुआ था, जिसमें उत्पादन पर 7 फीसदी, सुरक्षा पर 7 फीसदी और मुनाफा पर 6 फीसदी बोनस मिला था. इसके तहत 17.65 फीसदी बोनस बन रहा था, लेकिन बाद में यूनियन की दलीलों के बाद 18.5 फीसदी बोनस पर समझौता हुआ था. हालांकि, अभी कंपनी बेहतर कर रही है. इसके तहत अधिकतम 1,61,957 रुपये जबकि न्यूनतम 39392 रुपये बोनस की राशि दी गयी थी. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

टाटा कमिंस
टाटा कमिंस में बोनस को लेकर कर्मचारियों का इंतजार है. वहां यूनियन और मैनेजमेंट के साथ लगातार विवाद चल रहा है. ऐसे में संभव है कि कंपनी प्रबंधन एकतरफा फैसला लेकर राशि भेज दी जाये. इसको लेकर यूनियन के साथ कोई वार्ता तक नहीं हो. पिछले साल देर रात को चुपसे से बोनस समझौता किाय गया था, जिसके तहत टाटा कमिंस के कर्मचारियों को 8.33 फीसदी बोनस मिली थी जबकि उससे पहले साल में 19 फीसदी बोनस मिली थी. अधिकतम 45 हजार रुपये बोनस मिला था जबकि न्यूनतम 16500 रुपये मिला था. स्किल एलाउंस की एकमुश्त राशि 8 हजार रुपये भी कंपनी की ओर से दी गयी थी. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

टीएसडीपीएल
टाटा रायसन से अब जिस कंपनी का नाम टीएसपीडीएल के बाद टीएसडीपीएल हो गया है, उस कंपनी में भी बोनस का इंतजार है. टीएसडीपीएल में पिछले साल बेसिक व डीए की राशि पर 16 फीसदी बोनस के साथ 2500 रुपये का गिफ्ट वाउचर दिया गया था. इसके तहत न्यूनतम 14840 रुपये जबकि अधिकतम 44048 रुपये बोनस दिया गया था. 9 फीसदी फार्मूला के तहत बोनस दिया गया था जबकि 7 फीसदी एक्सग्रेसिया के तहत बोनस दिया गया था. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

टिनप्लेट कंपनी
टिनप्लेट कंपनी में बोनस को लेकर फार्मूला तय करने का काम चल रहा है. इसके तहत समझौता किया जायेगा. वैसे टिनप्लेट कंपनी ने इस साल बेहतर उत्पादन और मुनाफा किया है. ऐसे में बेहतर बोनस समझौता होने की उम्मीद है. पिछले साल 94 करोड़ का मुनाफा कंपनी को हुआ था जबकि इस साल 98 करोड़ रुपये मुनाफा हुआ था. पिछले साल 64 हजार रुपये अधिकतम बोनस मिला था जबकि न्यूनतम 24700 रुपये मिला था. कुल 18 फीसदी बोनस दी गयी थी. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

तार कंपनी और जेमको
तार कंपनी और जेमको कंपनी (आइएसडब्ल्यूपी) ने भी इस साल बेहतर प्रदर्शन किया है. पिछले साल कर्मचारियों को एकमुश्त राशि दो करोड़ 37 लाख रुपये बोनस के मद में दी गयी थी, जो 19.70 फीसदी बनी थी. उसके तहत अधिकतम 63500 रुपये और न्यूनतम 20800 रुपये कर्मचारियों को दी गयी थी. इसके तहत अब उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी बेहतर प्रदर्शन कंपनी ने किया है, जिसका लाभ कंपनी के कर्मचारियों को मिलेगा. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

जुस्को
टाटा स्टील की शत-प्रतिशत सब्सिडियरी वाली कंपनी जुस्को अब टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज का बोनस का भी इंतजार कर्मचारियों को है. पिछले साल कर्मचारियों को बोनस में काफी घाटा हुआ था. कर्मचारियों को बोनस मद में 6 करोड़ 88 हजार 620 रुपये दिये गये थे. अधिकतम राशि 2 लाख 21 हजार 620 रुपये थी. यहां भी यूनियन को लेकर थोड़ा उथल पुथल चल रहा है, लेकिन अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय का कहना है कि बेहतर बोनस समझौता करने का प्रयास होगा. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

टाटा पिगमेंट
टाटा स्टील की अनुषंगी कंपनी टाटा पिगमेंट के कर्मचारियों को पिछले साल 18 फीसदी बोनस मिली थी. यहां भी चुनाव लंबित है. ऐसे में चुनाव के साथ ही बोनस भी कराने की चुनौती यूनियन के पास होगी. पिछले साल की तुलना में टाटा पिगमेंट का प्रदर्शन बेहतर रहा है. इसके तहत कर्मचारियों को 18 फीसदी से कुछ ज्यादा मिलने की उम्मीद है. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

टाटा ब्लूस्कोप
टाटा स्टील और ऑस्ट्रेलिया की कंपनी ब्लूस्कोप का साझा उद्यम टाटा ब्लूस्कोप में भी बोनस का इंतजार है. वहां 18.67 फीसदी सालाना बोनस दिया गया था. सभी कर्मचारियों को अलग से 4615 रुपये एक्सग्रेसिया भी दिया गया था. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

टीआरएफ
टीआरएफ कंपनी काफी साल से घाटे में चल रहा है. ऐसे में पिछले कुछ वर्षों से सरकार के तय नियम के तहत 8.33 फीसदी बोनस दिया जा रहा है. ऐसे में इस बार भी यह उम्मीद है कि 8.33 फीसदी ही बोनस कर्मचारियों को मिलेगा. (नीचे पूरी खबर पढ़ें, किस कंपनी में कितना का समझौता)

क्या कह रहे है कई यूनियनों के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय
हम लोगों ने अब तक बोनस को लेकर टीएसआरडीएस को पत्र लिखा है. इसके अलावा सारी कंपनियों में इस सप्ताह पत्र चला जायेगा और इस माह में सारी कंपनियों में बोनस समझौता कर लेने की योजना है. कर्मचारी साथियों को वाजिब हक मिले, कंपनी के मुनाफा के मुताबिक, सबको लाभ मिले, यह कोशिश रहती है, वहीं कोशिश अभी भी जारी रहेगी. कुछ कंपनियां जरूर घाटा कर रही है, लेकिन चूंकि, मेहनत कर्मचारियों ने की है, इस कारण उनको उनका हक मिलेगा. -राकेश्वर पांडेय (नीचे पढ़े मजदूर नेता रघुनाथ पांडेय और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह का बयान)

टाटा मोटर्स में बेहतर समझौता करायेंगे : आरके सिंह
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह ने कहा है कि हम लोगों की योजना स्थायीकरण के साथ बोनस की रहती है. भले ही बोनस की राशि कम हो जाये, लेकिन स्थायीकरण हो जाये तो हम लोगों को ज्यादा खुशी होती है. इस बार सम्मानजनक राशि के साथ स्थायीकरण पर फोकस होगा. (नीचे पढ़े मजदूर नेता रघुनाथ पांडेय ने क्या कहा)

जुस्को में अच्छा समझौता होगा : रघुनाथ पांडेय
जुस्को यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय ने बताया कि अच्छा समझौता कराया जायेगा. इसके लिए सारे फार्मूला का अध्ययन किया जा रहा है. इसके आधार पर ही बोनस की राशि तय की जायेगी और निश्चित तौर पर बेहतर समझौता कराया जायेगा.




