
जमशेदपुर : कोल्हान के व्यापारियों और उद्यमियों की संस्था सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के लोगों ने जमशेदपुर के व्यापारियों और उद्यमियों से शनिवार को बंद का आह्वान किया है. सारे कारोबार और दुकानों को सारे व्यापारी बंद रखेंगे. इन व्यापारियों के आहूत बंद का जोरदार समर्थन किया गया है. कोरोना वाइरस की महामारी से निपटने के लिए झारखंड सरकार द्वारा जारी नए जुर्माने तथा डंड के कानून जिसमें किसी भी व्यक्ति के बिना मास्क के पाए जाने पर एक लाख का जुर्माना एवं दो वर्ष जेल की सजा का प्रावधान किया गया है जिसके विरोध में जमशेदपुर के सभी व्यापारी संगठनों नें शनिवार को एक दिवसीय सांकेतिक बाजार बंद की घोषणा की है. इस बाजार के बंद का जमशेदपुर चेंबर आफ कॉमर्स के पदाधिकारी मोहनलाल अग्रवाल नें भी समर्थन देने का निर्णय लिया है और चेंबर अपने सभी व्यापारियों से आग्रह करता है कि शनिवार के एक दिवसीय सांकेतिक बाजार बंद में अपनी पूर्ण भागीदारी निभाए और सरकार के इस तुगलकी फरमान का विरोध करें.
भाजपा ने किया चेंबर का समर्थन
झारखंड सरकार द्वारा झारखंड संक्रामक अधिनियम के तहत लाये गए प्रावधान के विरोध में सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा शनिवार को आहूत बंद को भाजपा जमशेदपुर महानगर का नैतिक समर्थन रहेगा. यह घोषणा शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष गुंजन यादव ने की. इस संदर्भ में भाजपा जिला महामंत्री अनिल मोदी ने बताया कि भाजपा झारखंड सरकार द्वारा लिए गए निर्णय, मास्क नही पहनने पर 1 लाख जुर्माना और दो वर्ष की कैद को अतार्किक और जनविरोधी मानती है और इसके विरोध में व्यापारी समुदाय द्वारा लिए गए बाजार बंद के निर्णय का नैतिक समर्थन करती है.
आजसू ने किया समर्थन, जिला अध्यक्ष कंहैया सिंह ने कहा-लॉकडाउन में झारखण्ड सरकार के फैसले के विरोध और व्यपारी संघ के समर्थन में आजसू
शुक्रवार को आजसू जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि झारखण्ड सरकार के उस फैसले का विरोध आजसू करती है जिसमे बिना मास्क लगाए पकड़ाने ओर एक लाख रुपया जुर्माना और दो साल तक जेल का प्रावधान है. इस नियम से यह प्रतीत होता है कि सरकार कोरोना बीमारी के प्रति गम्भीर नही है बल्कि पैसा वसूली अभियान में लिए झारखण्ड पुलिस को जनता के पीछे लगा दिया है. एक तरफ जनमानस अपनी रोटी के लिए जूझ रहा है. खाद्य समाग्री में भी भारी अनियमितता है, सरकारी अस्पताल की भी अव्यवस्था चरम पर है उसमें सुधार करने के बजाय गरीब जनता का खून चूसने का कार्य कर रही है झारखण्ड सरकार एक तरफ सरकार को पुनः लॉक डाउन कर इस बढ़ते चेन पर विराम लगाना चाहिए था तो फासले लेने के बजाय सरकार खुद करोंन्टाइन में है और जनता को उसके भरोसे छोड़ दिया है. जनमानस को मदद करने के बजाय सरकार उल्टे पैसे उगाही में लगाये गए है. अंत मे श्री सिंह ने कहा कि राज्य के व्यपारियो को भी कड़े निर्णय लेने चाहिए और सरकार को उनके भी भाषा मे मुह तोड़ जबाब देने चाहिए.






