
जमशेदपुर : पेट की आग ऐसी होती है, जिसे बुझायी नहीं जाये, तो वह मौत तक को गले लगाने को विवश कर सकती है! शायद ऐसी ही कुछ किताडीह निवासी नजमा बेगम महसूस करने लगी हैं. यह बुजुर्ग महिला अपने भाई गुलाम रसूल के साथ जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गयी है. वह उपायुक्त से राशन विधवा पेंशन व कार्ड बनवाने की मांग कर रही है. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)

महिला ने अपनी गर्दन में एक तख्ती लटका रखी है, जिसमें लिखा है ‘डीसी बासू-मैं विधवा, वृद्धा हूं, मेरा विकलांग बेटा और भाई है, मैं मांग कर अपना और अपने भाई का पेट पाल रहू हूं. मैं दौड़-दौड़ कर थक-हार गयी हूं, मुझे विधवा पेंशन एवं राशन कार्ड बनवा दें, नहीं तो मुझे मौत दिलवा दें.’ धरने पर बैठी महिला ने तख्ती में अपना दर्द लिख दिया है. (आगे की खबर नीचे पढ़ें)
उन्होंने बताया है कि छह-छह महीने पर पांच किलो चावल मिलता है. विधवा पेंशन व राशन कार्ड के लिए दो साल से संबंधित कार्यालयों का चक्कर लगा कर थक चुकी हैं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. नेता भी आते हैं. आश्वासन देते हैं कि विधवा पेंशन व राशन कार्ड बन जायेगा, लेकिन कोई फायदा नहीं. अधिकारियों के पास भी मेरी कोई सुनवाई नहीं है. ऐसे में विधवा पेंशन व राशन कार्ड बनवा दें या मौत ही दे दें.















