
जमशेदपुर : केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति को एक नया आयाम देने वाले शख्सियत ताराचंद मोहंती का पार्थिव शरीर का सोमवार को अंतिम संस्कार बिष्टुपुर पार्वती घाट में कर दिया गया. नम आंखों से ताराचंद मोहंती को आखिरी विदाई दी गई. ऐसे तो प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए सीमित व्यक्तियों के बीच उनका अंतिम संस्कार पूरी विधि विधान के साथ संपन्न किया गया. शहर के तमाम दुर्गा पूजा समिति के लोगों की हार्दिक इच्छा थी कि उनके अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने की मगर कोरोना के इस महामारी के कारण यह संभव नहीं हो सका और लाइव वीडियो द्वारा ही उनके पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन सभी लोगों ने किया. उनके पार्थिव शरीर को 11:00 बजे साकची स्थित उत्कल एसोसिएशन में उनके निवास स्थल शिव गंगा अपार्टमेंट सोनारी से लाया गया. वहां उत्कल एसोसिएशन के सभी वरीय सदस्य एवं केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के वरीय सदस्यों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए. अपने स्वर्णिम कार्यकाल में उन्होंने शहर के तमाम दुर्गा पूजा समिति के जटिल से जटिल समस्याओं का निवारण उनके द्वारा किया गया था. उनके योगदान को भुला पाना दुर्गा पूजा समितियों के लिए संभव ही नहीं है. लंबी अस्वस्थता के कारण 2018 में उनके निर्देश पर ही कार्यकारी अध्यक्ष इस समिति ने नियुक्त किया था. शहर के विभिन्न सामाजिक संगठन जैसे कि रोटरी क्लब, केंद्रीय शांति समिति, लायंस क्लब, सद्भावना समिति आदि में भी उनकी भूमिका अग्रणी रही है. उनके बेटे सिद्धार्थ मोहंती ने मुखाग्नि दी. घाट पर महासचिव रामबाबू सिंह, चंद्रनाथ बनर्जी, आशुतोष सिंह, शंभू मुखी, अंबिका बनर्जी, प्रदीप दास, परमात्मा मिश्रा, रूद्र प्रताप, श्याम कुमार, लल्लन यादव समेत साकची उत्कल एसोसिएशन से तरुण महंती, आर्एन सतपति, टिकली महंती, मनोरंजन गौड़ मुख्य रूप से शामिल हुए.
ताराचंद मोहंती की कमी हमेशा खलेगी : रघुवर
सामाजिक कार्यकर्ता एवं केंद्रीय दुर्गापूजा कमेटी के अध्यक्ष ताराचंद मोहंती के निधन से मर्माहत पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास कहा है कि समाज ने अपना एक सच्चा साथी खो दिया है. उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उन्होंने कहा है कि श्री मोहंती से उनका व्यक्तिगत संबंध था। वे एक मृदुभाषी एवं मिलनसार व्यक्ति थे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री मोहंती ने केंद्रीय दुर्गापूजा कमेटी के अलावा झारखंड बिल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं रोटरी क्लब के डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट लायंस क्लब के सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभायी तथा अंतिम समय तक उत्कल एसोसिएशन से जुड़े रहे. समाज के प्रति उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. उनके निधन से शहरवासियों को भारी क्षति हुई है. उन्होंने श्री मोहंती का स्मरण करते हुए कहा है कि मृत्यु पर आदमी का वश नहीं चलता है, हानि-लाभ जीवन-मरण, यश-अपयश ऊपर वाले के हाथ में है. श्री दास ने ताराचंद मोहंती के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा है कि दु:ख की इस घड़ी में वे उनके साथ है. उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान श्री मोहंती के निधन से मर्माहत परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति दें.






