जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के कर एवं वित्त प्रकोष्ठ ने आज केंद्र सरकार द्वारा घोषित जीएसटी सुधारों का स्वागत किया है. कर एवं वित्त प्रकोष्ठ ने कहा है कि ये सुधार भारत की कर प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा जन हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं. चैंबर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मंत्री समूह (जीओएम) ने 12 एवं 28 फीसदी के जीएसटी स्लैब को समाप्त कर दो मुख्य दरों, 5 एवं 18 फीसदी का प्रस्ताव दिया है. इससे वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों में भारी कमी आएगी तथा कर प्रणाली सरल बनेगी. इसी तरह, उन्होंने कहा है कि लग्जरी एवं “सिन” वस्तुओं पर विशेष कर, उच्च मूल्य वाले और डिमेरिट (सिन) सामानों, जैसे महंगी कारों एवं तंबाकू उत्पादों पर 40% कर दर बनाए रखने का प्रस्ताव है, जिससे राजस्व संतुलन बना रहेगा. (नीचे भी पढ़ें)

इसी प्रकार बीमा प्रीमियम पर जीएसटी छूट की बात करते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री समूह ने स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी हटाने की भी सिफारिश की है. इससे बीमा आमजन के लिए अधिक सुलभ होगा और बीमा क्षेत्र में मांग बढ़ेगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने स्पष्ट किया है कि इन सुधारों से आम लोगों एवं मध्यम वर्ग, किसानों एवं एमएसएमई को राहत मिलेगी जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी. सिंहभूम चैंबर के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कहा कि ये सुधारात्मक कदम देश की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार करेंगे. कर ढांचे के सरलीकरण से उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी.” वहीं चैंबर के महासचिव मानव केड़िया ने कहा कि “बीमा प्रीमियम पर जीएसटी छूट और दरों के सरलीकरण से न केवल उपभोक्ता वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि व्यवसायों को भी प्रोत्साहन मिलेगा. यह सुधार उद्योगों और समाज, दोनों के लिए संतुलनकारी है.” (नीचे भी पढ़ें)

चैंबर के कर एवं वित्त उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने जीएसटी सुधारों को उद्योगों एवं उपभोक्ताओं, दोनों के लिए स्वागत योग्य हैं. कर दरों का सरलीकरण और बीमा प्रीमियम पर छूट, ये दोनों ही कदम बाजार सामान्य करने और औद्योगिक विस्तार में सहायक होंगे.” कर एवं वित्त सचिव अंशुल रिंगासिया ने कहा कि “जीएसटी परिवर्तन से व्यवसायों का सहजता से संचालन और आम जनता को आर्थिक लाभ मिलेगा. उन्होंने आशा जताई कि राज्य बड़े विश्वास के साथ इन मामलों में समाधान तलाशेंगे और जल्द से जल्द जीएसटी परिषद में अंतिम निर्णय होगी.” (नीचे भी पढ़ें)

सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री व्यापार और उद्योग क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए, सरकार एवं नीति-निर्माताओं के समक्ष उद्योगों की आवश्यकताओं और जनता के हितों का साथ लेकर आगे बढ़ेगा. इन सिफारिशों को अंतिम रूप देकर जीएसटी काउंसिल (जो वित्त मंत्री की अध्यक्षता में होती है) की अगली बैठक में रखा जाएगा, जिसकी संभावित रूप से सितंबर में बैठक होगी.











