
जमशेदपुर : जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्र बहरागोड़ा के राजलाबांध में एक व्यक्ति की हुई मौत के बाद उसके शव को चिकित्सा विभाग ने अंतिम संस्कार के लिए रोक दिया गया था. यह कहा गया था कि पहले पोस्टमार्टम होगा और सैंपल लेकर जांच होगा, उसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जायेगा. उसके शव को एंबुलेंस तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं दिलायी, जिसके बाद मृतक के परिजन ठेले पर ले गये और उसके शव को रखवाया. इसको लेकर जमशेदपुर के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने खुद संज्ञान लिया है. मीडिया में बातें आने के बाद जमशेदपुर के उपायुक्त ने एसडीओ घाटशिला को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है. उपायुक्त ने इसकी जानकारी एक ट्विट में दी है. www.sharpbharat.com ने इस न्यूज को प्रमुखता से जारी किया था. इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी. इसके बाद उपायुक्त ने खुद ट्विट किया और कहा है ”सम्बंधित मामले में एसडीओ घाटशिला को जांच की जिम्मेदारी दी गई है. दोषी पदाधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. जिले तथा प्रखंडों में एम्बुलेंस की कमी नही है, भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो यह सुनिश्चित किया जाएगा.” जमशेदपुर के उपायुक्त के इस ट्विट से लोगों में भरोसा जगा है और ऐसे अधिकारियों के प्रति लोगों का नजरिया भी बेहतर हुआ है. अब सबको एसडीओ घाटशिला की जांच रिपोर्ट के अलावा मृतक के मेडिकल की जांच रिपोर्ट का भी इंतजार है, जिससे लापरवाही की वजह की जानकारी हो जायेगी और यह भी मालूम चल जायेगा कि वह कोरोना पोजिटिव तो नहीं थे. वैसे बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने उपायुक्त से मांग की है कि वे समयबद्ध तरीके से इसकी जांच कराये ताकि दोषियों पर कार्रवाई हो सके.

क्या है मामला
बहरागोड़ा प्रखंड के राजलाबांध गांव की बुजुर्ग सुजाता पॉल के निधन होने पर प्रशासन ने परिवार को दाह संस्कार करने से रुकवाया और कोरोना जांच के लिए सैंपल ले गए, परंतु प्रशासन में मृत बुजुर्ग की लाश को ना तो अपने वाहन या एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया और ना ही सीएचसी में उपलब्ध 108 वाहन से ही शव को लाया. प्रशासन ने शव को ठंडा घर में या अस्पताल भेजने की कोई व्यवस्था नहीं की. प्रशासन द्वारा जब किसी प्रकार की मदद मृतक परिवार को नही मिला तो गांव वालों ने बुजुर्ग महिला की शव को ठेले पर लादकर उसे बहरागोडा सीएचसी पहुंचाया. वहां भी स्वास्थ्य विभाग ने किसी प्रकार की मदद नही की तो गांव वाले चंदा करके शव को घाटशिला अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया. मिली जानकारी के अनुसार शव को सीएचसी तक लाने और घाटशिला भेजने में किसी भी पदाधिकारी ने सहयोग नही किया है. राजलाबांध के मुखिया जगदीश राय ने बताया कि जब सीओ से पहल करने की मांग की गयी तो उन्होंने भी पल्ला झाड़ लिया. बहरागोड़ा में प्रशासन की इस तरह की रवैये से लोगों में रोष है.








