
जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा में रामजनम नगर निवासी तीन साल के शिवम शौर्य उर्फ ओम की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मृतक के मामा अनिकेत कुमार उर्फ मुन्ना उर्फ आशुतोष को आजीवन कारावास और 10 हजार रूपए जुर्माना लगाया है. एडीजे-3 आभाष वर्मा की अदालत में सुनवाई के बाद अनिकेत को सजा दी गई है. सजा देने से पहले अदालत में वर्चुअल मोड में दोनो पक्ष के बीच बहस भी हुई जिसमे बचाव पक्ष के अधिवक्ता गुड्डू हैदर ने अनिकेत को कम से कम सजा देने की बात रखी. उन्होंने जमसेदपुर कोर्ट को बताया कि अनिकेत की मानसिक स्थिति को देखते हुए कोर्ट कम सजा दे. वहीं लोक अभियोजक (पीपी) ने कोर्ट को बताया कि यह एक विभत्स घटना है इसलिए दोषी को फांसी की सजा सुनाई जाए. अधिवक्ता गुड्डू हैदर ने बताया कि वह न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में जायेंगे. इस मामले में अदालत में पांच लोगों की गवाही हुई थी. (नीचे देखे पूरी खबर)

आपको बता दें कि 20 जनवरी को कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को दोषी करार दिया था और सोमवार को सजा सुनायी. घटना 12 दिसंबर 2018 की है. घटना की शाम अनिकेत अपने भांजे को घर से लेकर गया था. दूसरे दिन शिवम का शव सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर के आरआईटी थाना अंतर्गत प्लेटिना सिटी में बरामद किया गया था. इस मामले को लेकर शारदा मिश्रा के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था. शारदा ने पुलिस को बताया था कि भाई अनिकेत बचपन से ही उससे घृणा करता था, एक बार उसने हसुआ से भी हमला कर घायल कर दिया था. इसी कारण से उसने शिवम की हत्या कर दी थी. बताया जाता है कि आदित्यपुर बाबाकुटी में अनिकेत अपनी बहन शारदा के घर गया था. (नीचे पढ़े पूरी खबर)

उसके साथ तीन साल के भांजे शुभम शौर्य कुरकुरे दिलाने के बहाने घर से ले गया था. उसके बाद पत्थर से कूचकर हत्या कर दी गयी थी. उसने हाथ और पैर को भी तोड़ दिया था. शुभम की जिस दिन हत्या हुई, उसके तीन दिनों के बाद ही उसका जन्मदिन था. मां शारदा और पिता धर्मेंद्र मिश्रा उसका जन्मदिन मनाने की तैयारी में थे कि इस घटना को अंजाम दे दिया गया. आरोपी अनिकेत कदमा इसीसी फ्लैट में टेरियर सिक्यूरिटी में सुरक्षा गार्ड था. उसकी अपनी सुपरवाइजर से भी झगड़ा हो गया था. इस झगड़ा के बाद वह अपनी बहन के घर चला गया था. सहरसा के मूलनिवासी धर्मेंद्र मिश्रा इस घटना के बाद टूट चुके थे.





