जमशेदपुर : जमशेदपुर कोर्ट ने नाबालिग के अपहरण, यौन शोषण के मामले के आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. कोर्ट ने पाया कि मामला संदेहास्पद है. इस कारण इसके आधार पर सजा नहीं सुनायी जा सकती है. जमशेदपुर कोर्ट के पोक्सो कोर्ट के स्पेशल जज सिरिश दत्त त्रिपाठी की अदालत ने यह फैसला सुनाया. इसमें आरोपी लखिंद्र कर्मकार थे. सोनारी निवासी पिता द्वारा अपने नाबालिग पुत्री के अपहरण, यौन शोषण के तहत सोनारी थाना में एक एफआइआर दायर कराया था. करीब दो साल पहले 10 जनवरी 2022 को हुई इस घटना के बाद पुलिस ने लखिंद्र कर्मकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस मामले में वह अभी जमानत पर छूटा था. इस मामले में पीड़ित सहित कुल 07 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए थे एवं मामले में विचार के उपरांत आरोपी को बरी कर दिया गया. इस मामले में अधिवक्ता अजर कुमार सिन्हा आरोपी की ओर से पैरवी कर रहे थे.



