
जमशेदपुर : जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना अंतर्गत भुंइयाडीह स्थित नीतीबाग कॉलोनी के पास गैंगस्टर अखिलेश सिंह गिरोह के लोगों पर फायरिंग करने के आरोपी सुधीर दुबे को अभी जेल में ही रहना होगा. पंजाब से गिरफ्तार सुधीर दुबे की शनिवार को जमानत याचिका खारिज कर दी गई. चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए गैंगस्टर सुधीर दुबे की जमानत याचिका को खारिज कर दी. जज ने यह कहकर बेल रिजेक्ट कर दी कि आरोपी ने लॉकडाउन के दौरान घटना को अंजाम दिया था, जिसमें सात लोग घायल हो गए थे. सुधीर दुबे को बेल मिलने से एक बार फिर से जमशेदपुर में अशांति फैल सकती है जिस कारण उसकी जमानत याचिका को खारिज किया जाता है. बता दे कि अप्रैल 2020 में सुधीर दुबे गैंग और अखिलेश गैंग के बीच गैंगवार हुआ था. इस घटना के बाद पुलिस ने सुधीर दुबे को पंजाब से गिरफ्तार किया था जबकि अखिलेश गैंग का हरीश सिंह अब भी फरार चल रहा है. (नीचे देखे बिरसानगर के युवक के अपहर्ता का बेल रिजेक्ट)
मानगो से बिरसानगर के युवक के अपहरण करने के आरोपी का भी जमानत याचिका खारिज
जमशेदपुर के मानगो थाना अंतर्गत एनएच-33 स्थित बिग बाजार के पास 28 अप्रैल को बिरसानगर जोन नंबर 7 निवासी राजबीर सिंह उर्फ राजा के अपहरण करने के मामले में मुख्य आरोपी राहुल रंजन की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. एडीजे-4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत ने राहुल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया. बता दे कि राहुल रंजन राजबीर की मौसेरी बहन से प्रेम करता था. राहुल और राजबीर के बीच पैसों को लेकर भी विवाद था. इसकी जानकारी राजबीर को लगने पर उसने घर वालों को ये बात बता दी थी जिसके बाद परिजनों ने उसकी प्रेमिका को गोवा भेज दिया था. प्रेमिका को पाने के लिए राहुल ने राजबीर का अपहरण किया और उसे अपने साथ मुंगेर ले गया. उसने छोड़ने के बदले में 10 लाख रुपये और प्रेमिका को वापस लाने की मांग की. मांग पूरी होने पर पुलिस ने राजबीर को बोकारो स्टेशन से बरामद कर लिया था. बाद में पुलिस ने प्रेमिका सहित राहुल को गिरफ्तार कर लिया था.






