जमशेदपुर: जमशेदपुर के एमजीएम थाना क्षेत्र के पीपला के पास 26 नवंबर 2018 को जवाहरनगर रोड नंबर 13 मानगो के रहने वाले इम्तियाज खान उर्फ गब्बर की हुई हत्या मामले में सुनवाई करते हुए जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे – 2 अभाष वर्मा की अदालत ने बुधवार को आरोपी राज कुमार सिंह उर्फ छोटा बाबा एवं रूपेश कुमार यादव उर्फ दीवान को दोषी करार दिया हैं. अदालत ने सजा के बिंदू पर 3 जनवरी को सुनवाई करेगी जबकि अदालत ने आरोपी कुणाल सिंह एवं दीपक कुशवाह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया हैं. अदालत ने इस मामले के आरोपी राज कुमार सिंह उर्फ छोटा बाबा को भादवि की धारा 302(हत्या)एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया हैं जबकि रूपेश कुमार यादव उर्फ दीवान को भादवि की धारा 307(जानलेवा हमला) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया हैं. राजकुमार सिंह उर्फ छोटा बाबा ने पुलिस को बताया था कि पिछले साल दुर्गापूजा पर उसके दोस्त अजीत की हत्या चंद्रशेखर गौड़ और उसके भाई चित्रसेन गौड़ ने मिलकर कर दी थी। मामले में चंद्रशेखर गौड़ कोर्ट से बरी हो गया था जबकि चित्रसेन गौड़ जेल में था. इस मामले में दीपक और कुणाल गवाह थे. इन दो गवाहों को मैनेज करने के लिये 12 लाख में सौदा तय हुआ था. गवाह को मैनेज करने के लिये गब्बर उर्फ इम्तियाज ने चंद्रशेखर से मिलाकर 12 लाख रूपए में सौदा तय किया था. लेकिन रूपए देने में आनाकानी करने पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसी दिन कुणाल और दीपक गवाही देने कोर्ट पहुंचे थे. रूपए देने में आनाकानी करने पर दोनों ने मिलकर गोली मारकर इम्तियाज की हत्या कर दी जबकि चन्द्रशेखर को भी गोली लगी थी.(नीचे भी पढ़े)
उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2018 को इम्तियाज और चंद्रशेखर को 10 लाख रूपए के लिए गोली मार दी गयीं थी, जिसमें चंद्रशेखर को गोली लगने से जख्मी हो गया था। लेकिन इम्तियाज का घटना स्थल पर ही मौत हो गया था. इस संबंध में चंद्रशेखर गौड़ के बयान पर रूपेश कुमार सिंह उर्फ दीवान, राज कुमार सिंह उर्फ छेटा बाबा, कुणाल सिंह और दीपक कुशवाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया था. चंद्रशेखर ने पुलिस को बताया था कि वह घटना के दिन अपने आवास पोखारी से मारूति स्वीट कार से निकला था. मुखिया डांगी पहुंचा जहां से इम्तियाज को साथ लेकर पीपला गया वहा राजकुमार और दीवान आने वाला था. दोनों को कार में बैठाकर पीपला शराब दुकान गया लेकिन दुकान बंद था. लौटते समय दीवान ने पूछा कि रुपए लाया है या नहीं इतने में चंद्रशेखर ने बोला कि रुपए कार के डिक्की में रखा है. इतने मे रूपेश उर्फ दीवान ने चंद्रशेखर को गोली मार दी किसी प्रकार वह कार का दरवाजा खोल कर भागने की कोशिश की पर पीछे से उस पर फिर गोली मारी गई जो उसके पीठ पर लगी वह भागते हुए किसी प्रकार आपना जान बचाया लेकिन राज कुमार सिंह ने इम्तियाज के सर मे गोली मार दी जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गया था. हत्या कारण रूपए की लेनदेन को लेकर कर दी गई थी.



