जमशेदपुर: जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका बड़सोल धाना क्षेत्र के धंडागरी गांव के 11 वर्षिय नाबालिग के साथ दुष्कर्म किए जाने के मामले से आरोपी लोगो मार्डी को जमशेदपुर की अदालत ने बुधवार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. इस मामले की सुनवाई जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -एक सह स्पेशल जज पोस्को संजय कुमार उपाध्याय की अदालत कर रही हैं. इस मामले में अदालत के समक्ष कुल 10 लोगों की गवाही हुई थी. नाबालिग की दादी ने लोसो मार्डी के खिलाफ बरसोल थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमे बताई थी कि नातनी (पीड़िता) बचपन से ही उनके पास रह रही हैं, वह मंदबुद्धि और ठीक से बात भी नही कर सकती हैं. घटना के दिन सुबह वह गाय -वैल लेकर काजू जंगल में चराने के लिए गई थी. जहां उसके साथ लोसो मार्डी ने दुष्कर्म किया था. 14 दिसंबर 2020 को जब पीड़िता कोर्ट में गवाही के लिए उपस्थित हुई तब कोर्ट को लगा कि बच्ची मंदबुद्धि का हैं, ऐसे में उसकी गवाही धारा 119 साक्ष्य अधिनियम के तहत कुशल व्यक्ति की उपस्थिति में होनी चाहिए. कोर्ट के आदेश पर मुकबधीर और मंदबुद्धि बच्चों को शिक्षा देने वाली विशेषज्ञ आशा किरण स्कूल के प्रधानाध्यापक सुनिता घोष के उपस्थिति में पीड़िता की गवाही क्मश: 6 जून 2022, 22 जून और 7 सितंबर को गवाही कराई गयी थी. उसने कोर्ट को बताया था की आरोपी उसके साथ कुछ नही किया था तथा वीसी के माध्यम से वह आरोपी की पहचान से भी इन्कार कर दिया था. जिसका लाभ आरोपी को मिल गया.(नीचे भी पढ़े)
रंगदारी के मामले में तत्कालीन कदमा थाना प्रभारी विष्णु देव चौधरी की गवाही हुई
जमशेदपुर :रंगदारी के एक मामले में तत्कालीन कदमा थाना के इंस्पेक्टर विष्णु देव चौधरी ने बुधवार को एडीजे -4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत में गवाही दी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मामला काफी पुराना हैं, इस लिए वे आरोपियों की पहचान नही कर सकते हैं। उल्लेखनीय हैं की तत्कालीन कदमा थाना के इंस्पेक्टर विष्णु देव चौधरी ने आरोपी पंकज दुबे को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में पंकज दुबे ने बताया था की वे लोग कुख्यात अखिलेश सिंह के नाम से शहर के व्यवसाइयों से रंगदारी की मांग करते थे. इस मामले में विष्णु देव चौधरी के बयान पर पंकज दुबे, अमलेश सिंह, मनोरंजन सिंह उर्फ लल्लू, भोला सिंह के कदमा थाने में मामला दर्ज किया गया था.(नीचे भी पढे)
सिदगोड़ा में आर्म्स एक्ट के एक मामले में इंस्पेक्टर नंद किशोर राम की गवाही हुई
जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र से पुलिस को मिली हथियार के मामले में बुधवार को इंस्पेक्टर नंद किशोर राम की गवाही हुई. पुलिस ने सिदगोड़ा के एक क्वार्टर में छापेमारी करते हुए आर्म्स जब्त किया था. वही पुलिस ने घटनास्थल से अमरजीत पांडेय, वसीम खान और संतोष को गिरफ्तार किया था.बाद में अखिलेश सिंह, जसबीर सिंह व अन्य का संलिप्तता पाया गया था. नंद किशोर राम ने कोर्ट के समक्ष अभियोजन का समर्थन किया था. इस मामले की सुनवाई जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे -4 राजेंद्र कुमार सिन्हा की अदालत कर रही हैं. घटना वर्ष 2012 की हैं. इस बात की जानकारी अधिवक्ता विद्या सिंह ने दी हैं.(नीचे भी पढ़े)
टेल्को : रंजीत सरदार हत्याकांड के आरोपी अनिल कुमार उर्फ बीरू को नही मिली जमानत
जमशेदपुर के टेल्को में हुई रंजीत सरदार हत्याकांड मामले की आरोपी आदित्यपुर निवासी अनिल कुमार उर्फ बीरू की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमशेदपुर कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सह जिला जज अनिल मिश्रा की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए नामंजूर कर दी. घटना 3 अक्टूबर की हैं. आरोपी के अधिवक्ता विद्या सिंह ने बताया कि आरोपी अनिल पर अपराधियों को अपने घर में शरण देने का आरोप हैं. उसने इस बात को पुलिस के समक्ष स्वीकार किया था. साथ ही आरोपी राजा के साथ घटना के पूर्व मोबाइल पर बातचीत करने का संलिप्तता पाया गया था.





