सोनारी में नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाने और गर्भवती बनाने का आरोपी बरी
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में एक 17 वर्षीय नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए जाने और गर्भवती हो जाने के एक मामले में सुनवाई कर रहे जमशेदपुर कोर्ट के एडीजे-वन सह स्पेशल पोस्को कोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय की अदालत ने गुरुवार को आरोपी मनोज कुमार को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. इस मामले में कुल छह लोगों की गवाही हुई थी. पीड़िता ने सोनारी थाना में मनोज के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए बताया था कि सोनारी स्थित जिंदल मॉल में काम करने के दौरान मनोज के साथ दोस्ती हुई थी. दोनों ने स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बनाए थे, जिसका परिणाम प्रीड़िता गर्भवती हो गई. गर्भवती होने पर मनोज ने उसे अपनाने से इंकार कर दिया था। लेकिन पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि अब दोनों शादी रहा ली तथा एक बच्चे भी हैं. (नीचे भी पढ़ें)
चेक बाउंस के एक मामले में व्यवसायी दोषी, चार माह का साधारण कारावास और 3 लाख 75 हजार रूपए का कंपनशेसन देने का आदेश
जमशेदपुर कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में व्यवसायी मोहन लाल अग्रवाल को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मिस मोनिका श्रीवास्तव की अदालत ने दोषी करार देते हुए एनआई एक्ट के तहत चार माह का साधारण कारावास के साथ-साथ 3 लाख 75 हजार रूपए का कंपनशेसन का भुगतान करने का आदेश दिया हैं. सूचक उमेश कुमार अग्रवाल के अधिवक्ता निर्मलेंदू बनर्जी ने बताया कि वर्ष 2019 में महन लाल अग्रवाल ने पलसनियां कंसल्टेंसी के मालिक उमेश कुमार अग्रवाल से तीन लाख रूपए का दोस्ताना कर्ज लिया था. कर्ज के बदले एक तीन लाख रूपए का चेक जारी किया था. लेकिन रूपए की कमी के कारण उक्त जारी चेक बाउंस कर गया था. तब जाकर उमेश कुमार अग्रवाल ने महन लाल अग्रवाल के खिलाफ एनआई एक्ट के तहत शिकायतवद का मामला दर्ज कराया था.




