
जमशेदपुर : देश भर में जारी कोरोना संक्रमण के बीच सीपीएम ने चार सूत्री मांगों को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया. इस दौरान इन्होंने केंद्र सरकार से वैसे लोग जो इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं उन्हें हर महीने अगले छह महीनों तक साडे भत्ता के रूप में बैंक के माध्यम से दिए जाने के साथ वैसे परिवारों के हर सदस्य को हर महीने अगले छह महीने तक 10 किलो अनाज दिए जाने की मांग की है. साथ ही मनरेगा के तहत शहरी क्षेत्र के प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिए जाने और इसके तहत 500 रुपए भत्ता दीए जाने की मांग की है. वहीं इन्होंने देश के सरकारी संपत्तियों को अविलंब बेचने से रोक लगाए जाने की मांग इन्होंने की है. सीपीएम की मांग है कि जो व्यक्ति आयकर का भुगतान नहीं करता है, ऐसे लोगों के खातों में सरकार 6 माह तक 7500 रुपये डालती रहे ताकि परिवार संभल सके. इसके अलावा मुफ्त राशन सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से दी जाये. मनरेगा में 200 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाये. सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और एजेंसियों को बेचने का भी विरोध किया गया है और श्रम कानून और स्पेशल कमोडिटी एक्ट में होने वाले बदलावों को तत्काल समाप्त करने की भी मांग की गयी है.







