
जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिरसानगर थाना अंतर्गत जोन नंबर 2 के पास गुरुवार देर रात मिली मानगो की रहने वाली पीड़िता नाबालिग निकली. इसकी पुष्टि खुद पीड़िता के पिता ने थाना पहुंचकर की है. पिता द्वारा दर्शाए जा रहे आधार कार्ड में पीड़िता की उम्र 15 साल बताई जा रही है. वहीं पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पांच साल पहले ही घर छोड़कर भाग गई थी. वह गलत संगत में पड़कर चोरी करने लगी थी. उसे काफी समझाया पर वह नहीं मानी. इसके बाद से वह घर से भाग गई थी. बेटी के संगत को लेकर उसने कभी उसे ढूंढने की कोशिश नहीं की. शुक्रवार को पुलिस द्वारा उसके मिलने की सूचना पर वह थाने आया है. (नीचे देखे पूरी खबर)

इधर जिस घर में घटना हुई वहां किराए पर रहने वाली एक महिला ने बताया कि गुरुवार की शाम को मकान मालिक, जो रांची में रहते है, उसका भगिना तीन युवक और दो युवती के साथ घर आया था. उसने बताया कि युवती के परिवार वाले कोरोना का इलाज करवा रहे है इसलिए वो यहां रुकेगी. देर रात को सड़क पर युवती के रोने की आवाज सुनकर वह बाहर आई तो देखी कि वही युवती सड़क पर रो रही है और उसके पैर में चोट लगी है. किसी तरह पड़ोसियों की मदद से पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और उसे इलाज के लिए अपने साथ ले गई. इस मामले में पुलिस ने राकेश बिरुआ और आसियान सांगा को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया है. हालांकि इस मामले में पीड़िता कुछ भी बताने से इंकार कर रही है और बार बार बयान बदल रही है. इधर पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल जांच करवाया है. उसके खून की भी जांच की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके की नशे में उसे कुछ दवाइयां मिलाकर तो नही पिलाई गई थी. फिलहाल, पुलिस मेडिकल रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पीड़िता के साथ गलत हुआ है या नही. अगर पीड़िता के साथ कुछ गलत होने की भी पुष्टि होती है तो पीड़िता की शिकायत के बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकेगी.





