
जमशेदपुर : जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में तबीयत बिगड़ने के दौरान एमजीएम अस्पताल में हरपाल सिंह थापर के मृत घोषित होने के बाद शनिवार को उपायुक्त के निर्देश पर दंडाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद की देखरेख में पोस्टमार्टम किया गया. पोस्टमार्टम के दौरान जब उनके शव की जांच कि गई तो उनके दाएं पैर में जांघ के पास एक इंच परिधि के एक गहरा छेद पाया गया. इसके अलावा उनके पैर में काफी घाव पाए गए साथ ही उनका पूरा शरीर नीला पड़ गया था. दंडाधिकारी की निगरानी में पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई. इसके साथ ही हरपाल सिंह थापर की पत्नी पुष्पा रानी तिर्की को 12 घंटे के लिए पेरोल भी मिल गई है, रविवार को वह पेरोल पर बाहर आएगी. रविवार को ही स्वर्णरेखा बर्निंग घाट पर थापर का अंतिम संस्कार किया जाएगा. इधर परिजनों को शक है कि जेल में उनके साथ क्रूरता की गई है. उन्हे जहर खिलाया हुआ है जिससे उनका शरीर नीला पड़ गया है. उनके मौत की खबर जेल प्रशासन ने उन्हें दी भी नही. इधर जेल अधीक्षक नरेंद्र प्रसाद सिन्हा ने बताया कि उनकी तबियत अचानक खराब हो गई थी. जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां रात आठ बजे के बाद उनका पल्स रेट गिरने लगा. उन्हे इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई. इधर सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रधान गुरमुख सिंह मुखे ने बयान जारी कर कहा कि हरपाल सिंह थापर की मौत का ज़िम्मेदार जेल प्रशासन है. जिस तरह की बातें सामने आ रही उससे साफ जाहिर होता है कि अगर हरपाल सिंह थापर को टार्चर किया गया है या उनकी तबीयत खराब होने की स्थिति में जेल प्रशासन ने लापरवाही बरती है क्योंकि जेल प्रशासन के द्वारा यह बताया जाना रात को अचानक तबीयत बिगड़ी तो परिवार को सूचित क्यों नहीं किया गया और तड़के मौत हो जाती है जबकि जेल में प्रवेश करने पर परिवार के सदस्यों की जानकारी ली जाती है और फोन नंबर भी लिया जाता है फिर जेल प्रशासन ने सूचना देने में देर क्यों की. जेल अधीक्षक और कारापाल के खिलाफ न्यायिक जांच कर कार्रवाई की मांग करेंगें.






