
जमशेदपुर : जमशेदपुर में अब तक के सबसे बड़े साइबर अपराध में संलिप्त मानगो निवासी महेश पोद्दार के गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर करने के बाद शुक्रवार को साइबर पुलिस ने महेश को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है. इधर पुलिस ने शुक्रवार को मामले में गिरफ्तार राहुल कुमार मिश्रा को रिमांड में लेकर पुछताछ की. पुछताछ में पुलिस को कई जानकारियां हासिल हुई है. राहुल ने पुलिस को बताया कि उसे अब तक महेश ने सिर्फ दस हजार रुपये ही दिए है. वह मानगो के ग्रिन फिल्ड में संचालिक कॉल सेंटर में गया था जहां उसकी मुलाकात राहुल केशरी और महेश से हुई थी. दोनों फोन पर कस्टमर से बात कर रहे थे. पुछताछ में पुलिस को बिष्टुपुर आईसीआईसीआई बैंक में राहुल केशरी के चार फिक्स डिपोजिट का भी पता चला है. पुलिस उसकी जांच में जुट गई है.
मुंबई से पटना और फिर पुरुलिया आकर छुपा था महेश
साइबर पुलिस ने बताया कि महेश को छापेमारी की जानकारी पहले ही हो गई थी. जानकारी मिलते ही वह मुंबई फरार हो गया था. वहां कुछ दिन अपनी महिला मित्र के साथ रहने के बाद वह भाग कर पटना आ गया. इस दौरान वह अपने मोबाइल पर ओयो एप से होटल की बुकिंग करता था. कुछ दिन पटना में रहने के बाद वह रक्सौल फरा हो गया. फिर यहां से पुरुलिया में आकर रहने लगा. पुलिस ने उसके सारे बैंक अकाउंट फ्रिज कर दिए थे. उसके पास अब भाग कर जाने का कोई रास्ता नहीं था, अंत में उसके कार्ट में सरेंडर कर दिया.
सरगना राहुल केसरी अब भी फरार
इस मामले में साइबर अपारधियों का सरगना राहुल केसरी पुलिस की गिरफ्त से अब भी फरार है. पुलिस को उसका लोकेशन बंगाल और ओडिसा के सीमावर्ती इलाकों में मिल रहा है. ज्ञात हो कि 5 जनवरी को पुलिस ने इस मामले में राहुल मिश्रा, धीरज और राकेश महतो को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था वहीं पुलिस को महेश के घर से छापेमारी के दौरान 13 लाख रुपये नगद मिले थे.







