जमशेदपुर : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र, टाटा लीज भूमि अतिक्रमण से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. सभी विभागों के राजस्व संग्रहण की क्रमवार समीक्षा में यह स्षष्ट निर्देश दिया गया कि जो विभाग अभी राजस्व संग्रहण में पिछड़ रहे हैं, कार्ययोजना बनाते हुए निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को शत प्रतिशत प्राप्त करना सुनिश्चित करेंगे. आंतरिक संसाधनों से राजस्व बढ़ाने पर बल दिया गया. राज्य कर विभाग के तीनों सर्किल यथा अर्बन में वार्षिक लक्ष्य के विरूद्ध 65%, जमशेदपुर में 53.19% और सिंहभूम सर्किल में 52.85 % राजस्व की वसूली की गई है. करदाताओं का ऑडिट, फील्ड इंस्पेक्शन, बकायेदारों पर कार्रवाई और डेटा एनालिटिक्स पर बल दिया गया जिससे सही राजस्व मिल सके. खनन कार्यालय की समीक्षा में सालाना लक्ष्य के विरूद्ध अबतक 35 फीसदी उपलब्धि पर उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी से राजस्व वृद्धि पर उनकी कार्ययोजना पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राजस्व में अपेक्षित वद्धि के निर्देश दिए. उत्पाद विभाग ने 80 फीसदी राजस्व संग्रहण किया है, विभागीय पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि शेष महीनो में सौ फीसदी राजस्व संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा. (नीचे भी पढ़े)

पंजीयन कार्यालयों की समीक्षा में जमशेदपुर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में सालाना लक्ष्य के विरूद्ध 66.20% तथा घाटशिला में शत प्रतिशत राजस्व संग्रहण है. अपर उपायुक्त ने कहा कि सरकारी ज़मीनों की रजिस्ट्री में कोई गड़बड़ी न हो. सालाना लक्ष्य के विरुद्ध परिवहन विभाग ने अब तक 94% राजस्व वसूली की है. वहीं जेएनएसी, मानगो नगर निगम और जुगसलाई व चाकुलिया नगर परिषदों ने लगभग औसतन 65 % से ऊपर राजस्व संग्रहण किया है. बिजली विभाग के मानगो एवं जमशेदपुर प्रमंडल ने सालाना लक्ष्य का शत प्रतिशत तथा घटाशिला ने लगभग 97 फीसदी राजस्व संग्रहण कर लिया है, इसमें और बढ़ोत्तरी की उम्मीद जताई. नीलाम पत्र की समीक्षा में अपर उपायुक्त ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों में नोटिस जारी करें, कुर्की, वारंट और नीलामी जैसा तरीका भी अपनाएं ताकि बकाया राजस्व की वसूली हो सके. भू-अर्जन की समीक्षा में राष्ट्रीय एवं राजकीय राजमार्ग परियोजनाओं में अर्जित भूमि एवं रैयतों के मुआवजा भुगतान पर चर्चा की गई. बैठक में ड्रेन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग, वनभूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र, अंचलाधिकारी स्तर से सत्यापन प्रतिवेदन, संयुक्त रूप से स्थल का भौतिक निरीक्षण आदि को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. वहीं टाटा लीज भूमि अतिक्रमण की भी समीक्षा में सड़क एवं हाट-बाजार में अतिक्रमण के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई, उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची से पारित न्यायादेश का अनुपालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया. बैठक में निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त, उप नगर आयुक्त जेएनएसी, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, एसडीओ घाटशिला, पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सभी सीओ, एनएचएआई, टाटा स्टील, रेलवे के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित उपस्थित रहे.



