जमशेदपुर : जमशेदपुर जिले में वित्तीय लेन-देन की प्रक्रियाओं को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जमशेदपुर कोषागार का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने वित्तीय अभिलेखों की स्थिति, भुगतान प्रणाली तथा विभागीय समन्वय की समीक्षा करते हुए पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी वित्तीय कार्यों में उच्च स्तर की सावधानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए. उपायुक्त ने विशेष रूप से यांत्रिकी विभागों द्वारा विगत 5 वर्षों में प्राप्त आवंटन एवं की गई निकासी का विस्तृत मिलान डब्ल्यूएएमआइएस से करने का निर्देश दिया. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि विभागवार सभी वित्तीय अभिलेखों का पुनः सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आवंटित राशि का उपयोग नियमानुसार एवं पारदर्शी तरीके से हुआ है. किसी भी प्रकार की विसंगति पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए. इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी यांत्रिकी विभागों को निर्देशित किया कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र आगामी 10 दिनों के अंदर अनिवार्य रूप से समर्पित करें. निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) को भी निर्देशित किया कि वे पूर्व में की गई निकासी से संबंधित संपूर्ण प्रक्रियाओं की गहन जांच करें. (नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि प्रत्येक भुगतान एवं निकासी के पीछे की प्रक्रिया, स्वीकृति, अभिलेख एवं बैंक विवरणों का सावधानीपूर्वक मिलान किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके. उपायुक्त ने कहा कि कोषागार की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, शुचिता एवं जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कोषागार पदाधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विपत्रों की सूक्ष्म जांच सुनिश्चित की जाए तथा नियमों के अनुपालन में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए. निरीक्षण के दौरान कोषागार से संबंधित विभिन्न अभिलेखों, लंबित मामलों एवं वित्तीय प्रगति की भी समीक्षा की गई. साथ ही संबंधित पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी लंबित कार्यों के निष्पादन हेतु निर्देशित किया गया.



