जमशेदपुर : जमशेदपुर जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी- सह- उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा जिलेवासियों से सुरक्षित रहने हेतु जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुपालन की अपील की गयी है. इसको लेकर एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. जमशेदपुर के डीसी ने कहा कि सतर्कता और जागरूकता से ही इसके प्रसार पर रोकथाम लगाया का सकता है. (नीचे भी पढ़े)
साथ ही स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों को जनजागरुकता लाने हेतु गांव गांव में जाकर लोगों को पुराने बर्तनों, टायर आदि में पानी नहीं जमा किये जाने को लेकर जागरूक करने का निदेश दिया गया तथा प्रभावित क्षेत्रों एवं सम्भावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा के छिड़काव का निदेश दिया गया है. डेंगू या चिकनगुनिया संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होता है.(नीचे भी पढ़े)
तेज बुखार, जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द को अनदेखा न करें, यह डेंगू या चिकनगुनिया हो सकता है. उक्त लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें. इसको लेकर जारी किये गये जिला स्तरीय हेल्पलाइन नम्बर- 9304389995, 9431857671 पर लोग कॉल कर इस समस्या का निराकरण कर सकते है. (नीचे भी पढ़े)
क्या करें
• अपने घर एवं आस पास मच्छरों के प्रजनन को रोकने हेतु आवश्यक उपाय करें.
- डेंगू या चिकनगुनिया फैलाने वाले एडिस मच्छर साफ पानी में ही पनपते हैं, इसलिए पानी के बर्तनों, पानी की टंकी आदि को ढक कर रखें। घर के आस-पास सफाई रखें.
- जब भी सोयें, मच्छरदानी के अंदर ही सोयें.
- एडिस मच्छर हमेशा दिन के समय काटते हैं, इसलिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें.
- डेंगू या चिकनगुनिया बुखार के उपचार के लिए कोई विशेष दवा नहीं है. अगर डेंगू या चिकनगुनिया के लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें.
- मच्छरों से बचाव के लिए घर की खिड़की तथा दरवाजे पर जाली लगवायें.
क्या नहीं करें - घर के आस-पास या छत पर प्रयोग में न आने वाले बर्तन, टायर आदि न रखें एवं घर में कूलर, बाल्टी, फूलदान, फ्रिज ट्रे में पानी जमा नहीं होने दें.
- टूटे हुए बर्तन, प्रयोग में नहीं आने वाली बोतलें, टिन, बेकार के टायरों को जमा न रखें, क्योंकि बारिश के मौसम में इन्हीं में पानी जमा होता है, जिसमें एडिस मच्छर पनपते हैं.
• बुखार होने पर उसे अनदेखा नहीं करें. - बगैर जाली लगे खिड़की तथा दरवाजे शाम एवं सुबह में खुले न रखें, क्योंकि इस समय मच्छरों का प्रकोप अधिक रहता है.



