जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ), जमशेदपुर वन प्रमंडल सबा आलम अंसारी से शिष्टाचार भेंट कर प्रस्तावित ढालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना हेतु वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित बिंदुओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की. उल्लेखनीय है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने विगत 09 जुलाई के पत्र के माध्यम से केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, वन संरक्षण प्रभाग द्वारा दिनांक 29.08.2024 के पत्र में उठाए गए उन्नीस बिंदुओं में से अधिकांश पर बिंदुवार अनुपालन प्रस्तुत कर दिया है. यह अनुपालन 99.256 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव से संबंधित है, जिसमें परिचालन क्षेत्र का घटक-वार विवरण, संशोधित लागत-लाभ विश्लेषण, प्रयोजन-वार केएमएल फाइलें, अतिरिक्त वन भूमि उपयोग न किए जाने का वचनबद्धता-पत्र, जल-विज्ञान अध्ययन, सहायक सुविधाएं, वन्यजीव प्रबंधन योजना तथा मृदा-कटाव नियंत्रण उपाय जैसे विषय शामिल हैं. एएआइ ने संबंधित मानचित्र, केएमएल फाइलें एवं वचनबद्धता-पत्र प्रवेश पोर्टल पर भी अपलोड कर दिए हैं. (नीचे भी पढ़ें)
तथापि, कुछ महत्वपूर्ण बिंदु ऐसे रह गए थे, जिन पर जानकारी सीधे जमशेदपुर वन प्रमंडल एवं/अथवा राज्य वन विभाग द्वारा ही प्रस्तुत की जानी थी. जैसे दस्तावेजित हाथी गलियारे (घाटशिला-काकड़ाझोर, मुसाबनी-चाकुलिया, दुमरिया-कुंडलुका-मुराकांजिया) से संबंधित विवरण, विगत पांच वर्षों में मानव-हाथी संघर्ष के आंकड़े (जनहानि, हाथियों की मृत्यु, संपत्ति क्षति एवं मुआवजा), परियोजना क्षेत्र में अनुसूची-I, प्रजातियों की उपस्थिति एवं वन्यजीव आवास विखंडन पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपाल की टिप्पणी, डीएसएस विश्लेषण के निष्कर्ष, तथा यह परीक्षण कि क्या प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, प्रोजेक्ट एलीफेंट अथवा राज्य सरकार द्वारा चिह्नित किसी गलियारे में आता है. चैंबर ने विगत 9 जुलाई के एएआइ पत्र के संदर्भ में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन लंबित बिंदुओं के शीघ्र निष्पादन के लिए वन विभाग एवं डीएफओ, जमशेदपुर को निर्देशित करने का अनुरोध किया था, ताकि प्रस्ताव की अग्रेतर प्रक्रिया बाधित न हो. (नीचे भी पढ़ें)
आज की मुलाकात में डीएफओ सबा आलम अंसारी ने चैंबर के प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया कि उपर्युक्त सभी लंबित बिंदुओं पर उनके कार्यालय के स्तर से आवश्यक जानकारी एवं जवाब तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित किया जा चुका है, ताकि आगे आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने चैंबर को आश्वस्त किया कि उनकी ओर से इस महत्वपूर्ण परियोजना में कोई विलंब नहीं किया जाएगा और प्रकरण अब उच्च स्तर पर विचाराधीन है. चैंबर के अध्यक्ष मानव केडिया ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए डीएफओ सबा आलम अंसारी की तत्परता का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “अब आवश्यक है कि राज्य वन विभाग के वरिष्ठ स्तर पर यह जानकारी शीघ्रता से परीक्षित कर परिवेश पोर्टल पर अपलोड की जाए, जिससे केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय स्तर पर प्रक्रिया बिना किसी अवरोध के आगे बढ़ सके. श्री केडिया ने मुख्यमंत्री से इस प्रक्रिया की सतत एवं समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि वन प्रमंडल स्तर से भेजे गए जवाब राज्य वन विभाग एवं केंद्रीय मंत्रालय स्तर पर बिना किसी अनावश्यक विलंब के आगे बढ़ें और परियोजना को स्टेज-I/स्टेज-II वन स्वीकृति शीघ्र प्राप्त हो सके.




