
जमशेदपुर : जमशेदपुर के क्षेत्रीय पीएफ कमीश्नर के दफ्तर की मानवता और मजदूर नेता और मुसाबनी इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय के नेतृत्व में मजदूर नेताओं के बनाये गये दबाव का सकारात्मक परिणाम सामने आया है. इसके तहत जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके मुसाबनी स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) में काम करने वाली एजेंसी आइआरएल के करीब 1400 कर्मचारियों का पीएफ का बकाया पैसा देने को रजामंदी मिल गयी है. इसको लेकर एचसीएल प्रबंधन की ओर से उनके बकाया पीएफ की राशि के मद में 2 करोड़ 38 लाख 4 हजार 819 रुपये जमा करा दिया है. अब पीएफ आयुक्त के स्तर पर एचसीएल से वेतन लेने वाले कर्मचारियों का पूरा ब्योरा तलब किया है, जिसके आधार पर कर्मचारियों के बैंक एकाउंट में पैसे का भुगतान किया जायेगा. करीब एक सप्ताह पहले मजदूर नेता राकेश्वर पांडेय के नेतृत्व में आइआरएल के कर्मचारियों के दल ने जमशेदपुर स्थित क्षेत्रीय पीएफ कमीश्नर से मुलाकात की थी और बताया था कि एचसीएल में खनन संचालन करने वाली एजेंसी आइआरएल अब काम बंद कर चुकी है, लेकिन कर्मचारियों का बकाया पीएफ की राशि का भुगतान नहीं कर रही है. चूंकि, एचसीएल ही प्रिंसिपल इंप्लायर है, इस कारण एचसीएल पर दबाव बनाकर पीएप की राशि दिलाने की मांग की गयी. इपीएफओ दफ्तर ने जमशेदपुर से दबाव बनाया. खुद कमीश्नर ने इसको लेकर दबाव बनाया, जिसके बाद सकारात्मक रिजल्ट आया और इस मद में उपरोक्त राशि का भुगतान कर दिया गया है. राकेश्वर पांडेय ने बताया कि यह मजदूरों की जीत है और इससे मजदूरों का भविष्य बेहतर हो सकेगा.






