
जमशेदपुर : जमशेदपुर के ग्रामीण इलाके चाकुलिया की बेटी ज्योति रानी ओझा आग में झुलस जाने से कारण गंभीर रूप से ज़ख्मी हो गयी थी. उनका इलाज जमशेदपुर के टीएमएच अस्पताल के बर्न केयर यूनिट में चल रहा है. जले पर नमक यह थी कि बिटिया के पिता रतन ओझा केरल राज्य के कोच्चि में लॉकडाउन में फँसे हुए हैं और वित्तीय संकट के कारण वापस नहीं लौट पा रहे थें. चाकुलिया के भाजपा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी तक यह मामला पहुंचा तो वे सबसे पहले आग में झुलसी बेटी को देखने टीएमएच पहुंच गये. परिवार के लोगों से मिलकर बातचीत की और मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने इस मामले में केरल सरकार से उचित सहयोग का आग्रह करते हुए ट्वीट किया ताकि बिटिया के पिता को जल्द से जल्द जमशेदपुर लाया जा सके. पूर्व विधायक और भाजपा के युवा नेता कुणाल षाड़ंगी की ट्वीट के माध्यम से किये गये निवेदन के बाद मदद के लिए कई लोगों ने हाथ बढ़ाये.
तमिलनाडु की डॉक्टर चांदनी श्रीनिवासन ने लिखा कि बेटी के परिवार के लिए निश्चित ही यह कठिन समय है. वे इस समय उनकी मानसिक परेशानियों को समझ सकती हैं. उन्होंने इच्छा ज़ाहिर किया कि यदि उनके पिता का पूर्ण विवरण मिले तो वे फ़्लाइट द्वारा पिता को राँची तक पहुंचाने में मदद कर सकतीं है. चाँदनी श्रीनिवासन पूड्डूचेरी की लेफ़्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी की संस्था इंडिया विज़न फाउंडेशन के साथ कार्यरत हैं और जेल के क़ैदियों की मानसिक स्वस्थता के लिए पूरे देश के जेलों के साथ काम करती हैं. डॉक्टर चांदनी ने थोड़े ही समय बाद ट्विटर पर जानकारी दिया कि उनके द्वारा रतन ओझा के लिए फ्लाइट की टिकट बुक कर दी गयी है. मंगलवार सुबह कोच्चि से हैदराबाद होते हुए राँची के लिए फ्लाइट है.

उन्होंने आग में झुलसी बिटिया के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की है. पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी के ट्वीट पर संज्ञान लेते हुए झारखंड पुलिस मुख्यालय के भी एक वरीय अधिकारी ने रतन ओझा से फ़ोन पर बात किया. पुलिस को रतन ने बताया कि कुणाल षाड़ंगी की पहल पर तमिलनाडु की डॉक्टर चांदनी ने उनके लिए फ्लाइट का टिकट बुक कर दिया है. उक्त जानकारी झारखंड पुलिस की ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट द्वारा दी गयी. मदद मिलने पर आग में झुलसी बिटिया ज्योति रानी ओझा के पिता रतन ओझा ने भी पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, डॉक्टर चांदनी श्रीनिवासन सहित सहयोग करने वाले अन्य लोगों के प्रति आभार जताया है. कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि कठिन समय में पीड़ा पर मानवता का मरहम लगाना सुखद एहसास होता है. एक पिता को उनकी आग में झुलसी बिटिया से मिलाने के अभियान में सहयोग के लिए आगे आने वाले सभी के प्रति उन्होंने कृतज्ञता ज़ाहिर की. श्री षाड़ंगी ने बताया कि कोच्चि से राँची तक रतन ओझा फ्लाइट से आएंगे. यहाँ से जमशेदपुर पहुंचने के लिए कार का प्रबंध भी करवा दी गयी है ताकि किसी प्रकार से भी असुविधा नहीं हो.






