जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिरसानगर के सृष्टि गार्डन, वेनामी संपत्ति के मामले में सोमवार को जमशेदपुर कोर्ट के सीजेएम निशांत कुमार की अदालत में गैंगस्टर अखिलेश सिंह और उनकी पत्नी गरिमा सिंह की बयान 313 दपस के तहत कलमबंद किया गया. बयान के दौरान दोनों ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें बेवजह फंसाने का काम किया गया है. अखिलेश सिंह की बयान वीसी के माध्यम से हुई. वर्त्तमान में दुमका जेल में बंद है, जबकि उसकी पत्नी गरिमा सिंह अदालत में सशरीर उपस्थित हुई थी. (नीचे भी पढ़ें)
अखिलेश और गरिमा है मामले में आरोपी : इस मामले में गैंगस्टर अखिलेश सिंह और उसकी पत्नी गरिमा सिंह को आरोपी बनाया गया है. घटना के संबंध में बिरसानगर थाने में 29 मार्च 2017 को मामला दर्ज कराया गया था. दोनों पर आरोप लगा था की दूसरे के नाम से फ्लैट खरीदी है. इस कारण से पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. घटना के दिन जमशेदपुर की पुलिस टीम सृष्टि गार्डन में छापेमारी करने पहुंची हुई थी, छापेमारी के दौरान पुलिस ने जमीन से संबंधित कई कागजात बरामद किया था. कागजातों के आधार पर पुलिस ने बेनामी संपत्ति का मामला दर्ज कराया था. (नीचे भी पढ़ें)
मामले में इनकी हो चुकी है गवाही : बेनामी संपत्ति के मामले में अबतक आईओ परम प्यारेलाल खालको, रामेश्वर उरांव, पूर्व डीएसपी अनिमेष नैथानी आदि की गवाही हो चुकी है. यह अखिलेश सिंह की ओर से अधिवक्ता विद्या सिंह और प्रकाश झा पैरवी कर रहे हैं.



