
जमशेदपुर : जमशेदपुर राष्ट्र रक्षा और धर्म रक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करनेवाले हिन्दू विधिज्ञ परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर को ‘संविधान के रक्षक’ पुरस्कार मिलने पर हिन्दू जनजागृति समिति ने उनका अभिनंदन किया। यह पुरस्कार हिन्दुओं के हित के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष करनेवाले योद्धा का गौरव है, ऐसा हम माना जाता है। समिति की ओर से कहा गया है कि आज राष्ट्र और धर्म की स्थिति अत्यंत विकट है। इसलिए राष्ट्र और धर्म के लिए निरपेक्ष कार्य करने की आज नितांत आवश्यकता है। लगन से कार्य करनेवालों का इस प्रकार गौरव होने से अन्य अधिवक्ताओं को भी ऐसा कार्य करने की स्फूर्ति मिलेगी। ईश्वर, देश और धर्म के लिए संघर्ष करनेवालों का ऐसा सम्मान होना ही चाहिए। इसके लिए अगवानी करनेवाले हिन्दू इकोसिस्टम, भाजपा नेता कपिल मिश्र और समारोह में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहनेवाले केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह के प्रति भी समिति ने आभार जताया है. (नीचे भी पढ़ें)
अधिवक्ता वीरेंद्र इचलकरंजीकर द्वारा किये गये कार्य
समिति की ओर से बताया गया है कि अधिवक्ता इचलकरंजीकर द्वारा प्रविष्ट जनहित याचिका के कारण पंढरपुर स्थित विठ्ठल-रुक्मिणी देवस्थान को उनकी 900 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त हुई है। अनेक सरकारीकृत मंदिर उदा, मुंबई के श्री सिद्धि विनायक मंदिर, शिरडी स्थित साईबाबा संस्थान, पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान व्यवस्थापन समिति के अंतर्गत आनेवाले 3067 मंदिरों का घोटाला उजागर किया है। झूठे आरोप में फंसाए गए अनेक हिन्दुत्व निष्ठ कार्यकर्ताओं के अभियोग वे निःशुल्क लड़ रहे हैं। अवैध पशु वध गृह, राष्ट्र ध्वज का अपमान, कागदी लुगदी की अशास्त्रीय गणेश मूर्ति आदि अनेक विषयों में भी उन्होंने सफल संघर्ष किया है।




