जमशेदपुर : मानगो नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक मंगलवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब कई पार्षदों ने मेयर सुधा गुप्ता के कामकाज के तरीके और बैठक में तय एजेंडे को लेकर तीखी नाराजगी जताई. मानगो स्थित वन विश्रामागार के सभागार में आयोजित बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम के महत्वपूर्ण फैसलों और एजेंडे को तैयार करने से पहले सभी सदस्यों से पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया गया. (नीचे भी पढ़ें)

बैठक के दौरान पार्षदों ने कहा कि निगम क्षेत्र की जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जरूरत है, लेकिन उन्हें एजेंडे में उचित स्थान नहीं दिया गया. पार्षदों ने मेयर पर नियमों की अनदेखी करते हुए निगम का संचालन करने का भी आरोप लगाया. (नीचे भी पढ़ें)
करीब सवा दो बजे बैठक में माहौल और गरमा गया. पार्षदों के संबोधन के दौरान पार्षद नूरुल हक अंसारी समेत कुछ सदस्यों ने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया. इसी बीच मेयर सुधा गुप्ता बैठक से बाहर निकल गईं और अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से चली गईं. मेयर के बैठक से चले जाने के बाद पार्षदों का आक्रोश और बढ़ गया. बैठक समाप्त होने के बाद कई पार्षद वन विश्रामागार के पोर्टिको में जुट गए और नारेबाजी करते हुए मेयर के खिलाफ नाराजगी जताई. (नीचे भी पढ़ें)
पार्षद राजेश सिंह और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि निगम की बैठक में जनहित से जुड़े ठोस मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल औपचारिकता पूरी की जा रही है. पार्षदों का कहना था कि करीब चार महीने के बाद बोर्ड की बैठक बुलाई गई, लेकिन वह भी निर्धारित तरीके से पूरी नहीं हो सकी. उनका आरोप था कि मेयर ने पार्षदों की बात पूरी तरह सुने बिना बैठक छोड़ दी, जिससे सदस्यों में नाराजगी और बढ़ गई. (नीचे भी पढ़ें)
सरयू राय ने भी उठाए बैठक की प्रक्रिया पर सवाल
बैठक से पहले विधायक सरयू राय ने बोर्ड मीटिंग की तैयारी और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बोर्ड बैठक का एजेंडा निर्धारित नियमों के अनुसार कम से कम 72 घंटे पहले सभी सदस्यों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. सरयू राय ने निगम की बोर्ड बैठक नियमित रूप से हर महीने आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने मानगो जलापूर्ति योजना के फेज-2 को लेकर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि फेज-2 पर आगे बढ़ने से पहले फेज-1 की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और यह बताया जाना चाहिए कि फेज-1 के जो कार्य अब तक अधूरे हैं, उन्हें किस तरह पूरा किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में सांसद भी हुए शामिल
बोर्ड बैठक में सांसद विद्युत वरण महतो भी शामिल हुए. विधायक सरयू राय और सांसद विद्युत वरण महतो बैठक में करीब डेढ़ घंटे तक मौजूद रहे, जिसके बाद दोनों वहां से निकल गए. बैठक के अंत में जिस तरह से हंगामा हुआ और मेयर के बैठक छोड़कर चले जाने के बाद पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया, उससे मानगो नगर निगम में जन प्रतिनिधियों के बीच बढ़ता मतभेद एक बार फिर सामने आ गया. पार्षदों ने निगम के कामकाज में पारदर्शिता, नियमों के पालन और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की मांग की.




