
जमशेदपुर : जमशेदपुर के जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के गोलमुरी स्थित बंद पड़ी केबुल कंपनी (इंकैब इंडस्ट्रीज) को एनसीएलटी, कोलकाता द्वारा दिवालिया घोषित करने के फैसले के बाद कर्मचारी व केबुल कंपनी क्षेत्र के निवासियों की बड़ी बैठक शनिवार को केबुल ऑफिसर्स क्लब में हुई. इंकैब संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आयोजित बैठक में कंपनी की वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया गया. बैठक में कानूनी लड़ाई लड़ने व अनेकों मुद्दों पर चर्चा की गयी. लिक्वीडेटर शशि अग्रवाल के जमशेदपुर नहीं आने से मजदूरों के बीच काफी आक्रोश है. वहीं, पिछले कुछ महीनों से लगातार कंपनी के संबंध में लिक्वीडेटर द्वारा निर्णयों को थोपा जा रहा है. कहा गया कि लिक्वीडेटर द्वारा भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर भय का मौहाल पैदा किया जा रहा है. रातों रात नोटिस चिपकाकर मजदूरों के खिलाफ तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. सभा में एनसीएलटी, कोलकाता में केबुल कंपनी के कर्मचारियों के वकील अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव द्वारा कानूनी पहलुओं पर जानकारी दी गयी.

उन्होंने कहा कि आगामी सोमवार को रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट में जाकर टाटा द्वारा जमीन के दावों को चुनौती दी जाएगी. वहीं, अगले सोमवार को एनसीएलएटी, नई दिल्ली में एनसीएलटी, कोलकाता द्वारा बंद करने के फैसले को मजबूती से चुनौती दी जाएगी. कर्मचारी द्वारा को-ऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर लिक्वीडेटर को कंपनी रिवाइवल का प्रोजेक्ट बताकर प्रपोजल देकर इसको फिर से खोलने का प्रयास किया जाएगा. बैठक के पश्चात सोसाइटी के 11 प्रतिनिधियों के नामों पर सहमति बनी. कहा कि कमला मिल्स, पेगासस एवं फस्का के बकाया दावों की जांच हो. इतने बड़े दावों में सत्यता कम और झूठ ज्यादा है. उन्होंने कर्मचारियों व निवासियों को संगठित रहकर कानूनी लड़ाई में सहयोग का आह्वान किया. बैठक में बताया गया कि कर्मचारी अपने बकाया राशि के दावे संबंधी दस्तावेजों को जल्द भेजें. दस्तावेज में एफिडेविट लगाकर पूरे कागजात के साथ डाक से भेजे. फॉर्म भरने संबंधी समस्या के लिए इंकैब संयुक्त मोर्चा मदद करेगी. बैठक में इंकैब संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष भगवती सिंह, अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव, ट्रेड यूनियन के वरिष्ठ नेता एसएन सिंह, समाजसेवी एनके सिंह, अरुण ठाकुर, गुप्तेश्वर सिंह, अभिमन्यु प्रसाद, जोगिंदर कुमार, यूके शर्मा, कल्याण शाही, बीएन धर, शंभु पांडेय, जगदीश प्रसाद, रामबिनोद सिंह, राजेश कुमार सिंह, उमेश सिंह, प्रेम झा, पप्पू कुमार, देबाशीष झा, राहुल सिंह तोमर एवं अमित चौधरी समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित थे.






