जमशेदपुर : जमशेदपुर के वरिष्ठ पत्रकार 51 वर्षीय मनीष कुमार का मंगलवार को निधन हो गया. वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. करीब एक साल से वे बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था. परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की सुबह तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए मानगो के एक नर्सिंग होम में ले जाया गया, जहां स्थिति देख डॉक्टरों ने उन्हें तामोलिया अस्पताल रेफर कर दिया. परिवार के लोग जब तक उन्हें अस्पताल ले जाकर भर्ती कराते, रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया. तामोलिया अस्पताल के डॉक्टरों ने भी जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पार्थिव शरीर को दाइगुट्टू स्थित आवास पर लाया गया.(नीचे भी पढ़े)
शाम पांच बजे भुइयांडीह स्थित सुवर्णरेखा बर्निंग घाट पर मनीष कुमार सिन्हा का अंतिम संस्कार किया गया. मझले भाई नवीन सिन्हा ने मुखाग्नि दी. छह बहन व तीन भाइयों में मनीष सबसे छोटे थे. अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्यों के अलावा विभिन्न समाज के लोग व बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए. सभी ने असामयिक निधन पर दुख व्यक्त किया. मनीष सिन्हा प्रभात खबर के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे पत्रकार करीब एक साल से बिस्तर पर थे. उन्हें चलने-फिरने में काफी दिक्कत थी. मनीष कुमार सिन्हा ने बीमार होने के पहले तक प्रभात खबर में अहम योगदान दिया. बीमार अवस्था के दौरान भी लगातार कार्यालय आकर ही काम करते थे, लेकिन जब वे चलने-फिरने में असमर्थ हो गये, तो आना बंद किया. (नीचे भी पढ़े)
लंबे कार्यकाल में उन्होंने क्राइम बीट की रिपोर्टिंग की. मनीष सिन्हा क्राइम रिपोर्टिंग का एक पर्याय थे. जिनको पुलिस या अपराधियों की धमकी भी कभी झुका नहीं पायी. उनकी कलम की ताकत ने कई अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया, कई भ्रष्ट और अपराधियों के साथ सांठगांठ करने वाले पर कार्रवाई सुनिश्चित करायी. लेकिन अपने शारीरिक परेशानियों के आगे उनका बस नहीं चला और वे करीब तीन साल से पूरी तरह बीमार होते चले गये और करीब एक साल से वे नहीं चल फिर पा रहे थे. प्रभात से जुड़ने के पहले वे दैनिक आज अखबार से भी जुड़े थे. उनका जाना जमशेदपुर की पत्रकारिता में बड़ा नुकसान है.



