जमशेदपुर : निट यूजी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने कहा की देश भर में छिड़े छात्र आंदोलन के जबरदस्त दबाव और जाने-माने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के आंदोलन के कारण आखिरकार बीजेपी की तानाशाह सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी को झुकना ही पड़ा. भारत के इतिहास की सबसे युवा-विरोधी सरकार साबित हुई मोदी सरकार क्योंकि जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने महिला छात्रों के साथ व्यवहार किया और प्रदर्शन में हुए लाठीचार्ज और पुलिस हिंसा में कई छात्र घायल हुए है. (नीचे भी पढ़ें)

इसकी जितनी भी निंदा की जाये, कम ही हैं. यह युवाओं की एकता की जीत है और अहंकारियों की हार है. अब मोदी सरकार जल्द छात्रों की मौत की जवाबदेही ले और उनके परिजनों को जल्द 1 करोड़ रुपये का मुआवजा राशि दे और छात्रों पर हुए केस को वापस ले.




