
जमशेदपुर : कोल्हान प्रमंडल के उप श्रमायुक्त (डीएलसी) राजेश प्रसाद ने पुन: एक बार स्पष्ट रूप से कहा कि लॉकडाउन की अवधि में नियोजको को अपने मजदूरों को पूरा वेतन देना होगा. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि मार्च महीने में कंपनियों को जो पत्र निर्गत किया गया था वहीं अप्रैल माह के वेतन के लिए भी गाइडलाइन है. अगर राज्य सरकार या केंद्र सरकार उसमें कुछ संशोधन करती है तो फिर पुराना पत्र निरस्त माना जाएगा लेकिन तब तक उसे ही आधार मानकर नियोजको को भुगतान करना होगा. उन्होंने आगे कहा कि मुझे भी बहुत सारी शिकायतें मिली है कि 10 तारीख बीत जाने के बाद भी कुछ कंपनियों ने अपने श्रमिकों का भुगतान नहीं किया है हमारे ऑफिस से नियोजको से संवाद किया जा रहा है तथा उन्हें भुगतान करने को बोला जा रहा है अगर एक-दो दिन में वह भुगतान नहीं करते हैं तो विभागीय कार्यवाही की जाएगी. विदित हो कि यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष ओंकारनाथ पांडे उर्फ शैलेश पांडे और यूथ इंटक के राष्ट्रीय महासचिव नितेश राज के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलकर कोल्हान प्रमंडल के मजदूरों की आर्थिक स्थिति से अवगत करवाया और मजदूरों को जल्द से जल्द भुगतान करवाने के लिए गुहार लगाई।. इस प्रतिनिधिमंडल में यूथ इंटक प्रदेश अध्यक्ष शैलेश पांडे, राष्ट्रीय महासचिव नितेश राज, राष्ट्रीय सहायक महासचिव शिखा चौधरी, राष्ट्रीय सचिव विजय यादव, पवन कुमार बबलू, प्रांतीय उपाध्यक्ष पिंटू श्रीवास्तव, प्रांतीय महासचिव डीएन पांडे एवं अरुण त्रिपाठी शामिल थे. डीएलसी में यूथ इंटक के नेताओं को आश्वस्त किया है कि अधिकतर कंपनियों में 1 से 2 दिन के अंदर अपने कर्मचारियों को भुगतान कर देगी ऐसा नेताओं ने आशा व्यक्त की है. अगर कोई भी कर्मचारी अपने नियोजक के विरुद्ध शिकायत करता है तो उसे पूर्णता गुप्त रखा जाएगा और उस कंपनी के विरुद्ध कार्यवाही तय है.





