
जमशेदपुर : एलआईसी में कार्यरत कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों के संयुक्त आह्वान पर एलआईसी के अधिकारी व कर्मचारी गुरुवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रहे. इस दौरान उन्होंने लंबित वेतन पुनरीक्षण के त्वरित समाधान की मांग की. साथ ही एलआईसी के आईपीओ तथा बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश की सीमा 49% से बढ़ाकर 74% करने के निर्णय का विरोध किया
. उन्होंने बताया कि तमाम बीमाकर्मी इस बात से अत्यधिक आहत है कि एक ओर जहाँ सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम में अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है वहीं इंश्योरेंस एक्ट 1938 में संशोधन कर बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश की सीमा 49% से बढ़ाकर 74% करने का निर्णय लिया है. यह दोनों कदम बीमा उद्योग एवं देश के आर्थिक हितों के प्रतिकूल है. 1956 में अपने गठन के बाद से ही एलआईसी ने देश के औद्योगीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लगातार लगी हुई है. एलआईसी का विकास इसका विस्तार एवं बीमाधारकों की संख्या और दावा निष्पादन के मामले में विश्व के सबसे बड़े बीमा कंपनी के रूप में इसका उभार पूर्ण रूप से आंतरिक संसाधनों के बल पर ही किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि जीवन बीमा व्यवसाय के राष्ट्रीयकरण का उद्देश्य था कि छोटी बचतों को संग्रहित कर आधारभूत संरचनाओं में दीर्घावधि निवेश के लिए पूंजी जुटाई जाये और साथ ही बीमाधारकों को पूर्ण सुरक्षा दी जाये और एक अच्छा रिटर्न सुनिश्चित किया जाये. एलआईसी ने प्रशंसनीय रूप से इन उद्देश्यों को पूरा किया है. सरकार द्वारा की जा रही इक्विटी बिक्री जो अंततः निजीकरण के रूप में परिणत होगी , इस उद्देश्य को ही खत्म कर देगी. उन्होंने कहा कि एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने का कदम अर्थव्यवस्था और भारतीय नागरिकों के कमजोर तबके को बुरी तरह प्रभावित करेगा. कमजोर वर्ग को बीमा सुविधा मुहैया कराने के सामाजिक दायित्व को गहरा झटका लगेगा. अलाभकारी ग्रामीण क्षेत्रों में बीमा विस्तार का लक्ष्य भी बुरी तरह प्रभावित होगा. भारतीय जीवन बीमा निगम जमशेदपुर मण्डल अंतर्गत तमाम बीमाकर्मियों ने सरकार के इस कदम के खिलाफ अपने आक्रोश को प्रकट करते हुए एक दिवसीय हड़ताल में अपनी भागीदारी नीभायी एवं अपने लंबित वेतन पुनरीक्षण को हासिल करने की मांग भी दोहराया. आज जमशेदपुर मण्डल अंतर्गत मण्डल कार्यालय समेत सभी कार्यालय पूर्ण रूप से बंद रहे. बीमा कर्मियों ने सभी कार्यालयों के समक्ष धरना व प्रदर्शन भी किया. इस दौरान मण्डल कार्यालय, जीवन प्रकाश भवन के समक्ष पवन कुमार, एसके पाण्डे, अरुण कुमार, अमित कुमार, कॉ गिरीश ओझा, कॉ वेंकट, कॉ अमित माइती , कॉ अपूर्व दत्ता, कॉ पूरबी घोष व अन्य के नेतृत्व में बीमा कर्मियों ने प्रदर्शन किया और हड़ताल में अपनी भागीदारी निभायी.



