जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो बैंक डकैती और बिष्टुपुर में छगनलाल दयालजी ज्वेलर्स के 32 लाख लूट के मामले में पुलिस को कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को जमशेदपुर से गिरफ्तार किया है. पुलिस को धनबाद के मुथुट फाइनांस कंपनी के ऑफिस में हुए इनकाउंटर के बाद गिरफ्त में आये अपराधियों से कई नयी जानकारी हाथ लगी है. जमशेदपुर एसएसपी का दावा है, कि जल्द ही पुलिस छगनलाल ज्वेलरी लूटकांड और मानगो उलीडीह के बैंक ऑफ इंडिया लूट कांड मामले का खुलासा करेगी. आपको बता दें कि बीते 14 फरवरी को बिष्टुपुर थाना अंतर्गत छगनलाल दयालजी ज्वेलर्स के अकाउंटेंट से 32 लाख रुपए की लूट की घटना घटित हुई थी. इसके अलावा 18 अगस्त को उलीडीह थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ इंडिया में लूट की घटना घटित हुई थी. यहां भी अपराधियों ने हथियार के बल पर 25 लाख नगद और इतने ही मूल्य के करीब ज्वेलरी लूट की घटना को अंजाम दिया था. जमशेदपुर एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि धनबाद की घटना के बाद एक टीम धनबाद भेजी गई थी. उन्होंने भरोसा जताया है कि दोनों घटनाओं में धनबाद लूट कांड गिरोह का ही हाथ है. जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा. वैसे सूत्र बता रहे है कि धनबाद में लूटकांड को अंजाम देने वाले गिरोह समस्तीपुर के ही थे, जो कई जगह घुम-घुमकर अपराध को अंजाम देते थे और डकैती करते थे. इन लोगों ने बताया है कि वे लोग मोबाइल लिये बगैर ही लूटकांड को अंजाम देने जाते थे. मानगो के उलीडीह में डकैती को अंजाम देने के बाद वे लोग कंटेनर में बैठ गये थे, जिससे बड़ी गाड़ियां आती जाती है. उस तरह के कंटेनर में सवार होकर वे लोग बिहार पहुंच गये थे, जहां से फिर से वापस धनबाद आकर डकैती की घटना को अंजाम दे रहे थे. पुलिस को इन लोगों ने बताया है कि बिहार के बेऊर जेल में बंद सुबोध सिंह उनका गुरु है, जिनके कहने पर वे लोग इस तरह की घटना को बिहार, झारखंड, बंगाल और ओड़िशा में अंजाम देते थे. अपराधियों ने पुलिस को बताया है कि वे लोग बिष्टुपुर में 32 लाख लूटकांड को भी इसी तरह का अंजाम दिया था. लूटकांड को अंजाम देने में शामिल लोकल करीब तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.







